हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण अधिनियम 2020 के तहत जिले को श्रेणियों में किया विभाजित : मुकुल

सरकार ने भूजल की स्थिति के आधार पर गांवों का 7 श्रेणियों में किया वर्गीकरण, अधिनियम के तहत सूचना को किया आमजन के लिए जारी, सूचना जारी होने के 30 दिन के अंदर-अंदर सुझाव व आपत्ति ई-मेल पर करवाई जा सकती है दर्ज
कुरुक्षेत्र 17 जनवरी, (समय की ताकत/संजीव बंसल) उपायुक्त मुकुल कुमार ने कहा कि हरियाणा सरकार ने हरियाणा जल संसाधन (संरक्षण विनियमन और प्रबंधन) प्राधिकरण अधिनियम 2020 के तहत राज्य में जल संसाधनों (भूजल और सतही जल) के संरक्षण, विनियमन और प्रबंधन एवं प्रासंगिक मानदंडों के आधार पर राज्य को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित करने की सिफारिश करने के लिए एक जनादेश के साथ हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण की स्थापना की है। उपायुक्त मुकुल कुमार ने सोमवार को बातचीत करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने हरियाणा जल संसाधन (संरक्षण, विनियमन और प्रबंधन) प्राधिकरण अधिनियम की धारा 11 (2) के तहत हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण की सिफारिश पर हरियाणा राज्य को भूजल स्तर की स्थिति के आधार पर 7 (सात) विभिन्न श्रेणियों में गांव अनुसार वर्गीकरण को मंजूरी दी है। इस वर्गीकरण के आधार पर गंभीर रुप से भूजल संकटग्रस्त गांव को लाल रंग की श्रेणी में शामिल किया गया है। इसी प्रकार मध्यम भूजल संकटग्रस्त गांव को गुलाबी, संभावित भूजल संकटग्रस्त गांव को हल्का हरा, संतोषजनक भूजल क्षमता वाले गांव को हरा, सेम ग्रस्त गांवों के लिए बफर जोन (मध्यवर्ती क्षेत्र) को पीला, सेमग्रस्त गांव को बैंगनी व गंभीर रुप से सेमग्रस्त गांव को नीला रंग की श्रेणी में रखा गया है। यह वर्गीकरण जून 2020 भूजल स्तर तालिका की गहराई की स्थिति पर आधारित है। उन्होंने कही जिला कुरुक्षेत्र के सभी गांवों की सूचना अनुलग्नकों के साथ प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट एचडब्लयूआरएओआरजी-इन पर उपलब्ध है। अनुलग्नक ए व्यापक वर्गीकरण के आधार को दर्शाता है। अनुलग्नक बी जून 2020 तक भूजल स्तर के आधार पर गांवों के वर्गीकरण को इंगित करता है। अनुलग्नक सी जून 2010 से जून 2020 तक भूजल स्तर तालिका में उतार चढ़ाव को दर्शाता है। यह ग्राम स्तरीय वर्गीकरण आमजन में जागरूकता पैदा करने में सहायता करेगा और वर्तमान ब्लॉक स्तरीय वर्गीकरण को अपनाने के बजाय गांवों के भूजल प्रबंधन के संबंध में नीतियों की सूक्ष्म स्तरीय योजना और उपचारात्मक कार्रवाई में उपयोगी होगा। इसलिए अधिनियम की धारा 11 के तहत इस सार्वजनिक सूचना को प्रकाशित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नीतिगत निर्णय लेने और उपचारात्मक और अन्य उपाय करने के लिए वर्गीकरण को प्रभावी रूप से लागू करने से पहले हरियाणा राज्य में जनहित में आम जनता को यदि कोई सुझाव/आपत्तियां हो तो, मांगी जाती है। जून 2020 तक ग्राम स्तरीय भूजल स्तर तालिका के वर्गीकरण से संबंधित सुझाव/आपत्तियां इस सार्वजनिक सूचना के जारी होने के 30 दिनों की अवधि में ईमेल आईडी आब्जेक्शनस2022.एचडब्लयूआरएएटदरेटजीमेल.कॉम पर भेजी जा सकती है। अंतिम तिथि के बाद किसी भी सुझाव/आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा।