गरीबी रेखा से नीचे जीवन करने वालों की आय को बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयास : पवन

* प्रदेश महामंत्री डा. पवन सैनी ने अंत्योदय मेले की शिरकत, मेले में आने वाले लोगों को दी जा रही है कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी समय की ताकत /संजीव बंसल कुरुक्षेत्र, भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं लाडवा के पूर्व विधायक डा. पवन सैनी ने मंगलवार को खेड़ी मारकंडा में आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत मुख्यमंत्री अन्तोदय उत्थान योजना के तहत आयोजित खंड थानेसर के 3 दिवसीय मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान मेले के दूसरे दिन बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। अन्तोदय परिवार उत्थान योजना को प्रभावी रूप से क्रियान्वयन के लिए प्रदेश भर में अंत्योदय मेलों का आयोजन कर लाभपात्रों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से सीधे तौर पर लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत उन परिवारों को शामिल किया गया है जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपए से कम हैं और उनकी आय को एक लाख 80 हजार रुपए तक पहुंचाना लक्ष्य रहेगा। सरकार की ओर से तीन फेज में पात्रता निर्धारित की गई है और उसी अनुरूप योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों को अंत्योदय मेले से दिया जा रहा है। गरीब परिवारों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना लागू की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य अंत्योदय है। यह योजना गरीब उत्थान में मिल का पत्थर साबित होगी,इस योजना के तहत लघु उद्यमियों को बढ़ावा दिया जा सकता है। इस योजना का लक्ष्य पंक्ति में खड़े अंतिम परिवार को आगे लाना है इसके लिए 42 योजनाएं चिन्हित की गई हैं जो इन परिवारों की आमदनी बढ़ाने में मददगार होंगी। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के लिए कृषि, मत्स्य, पशुपालन व डेयरी जैसे व्यापारिक, औद्योगिक क्षेत्रों में व्यवसाय के साथ-साथ स्किलिंग में निपुण करने के लिए कंप्यूटर, चालक, सिलाई कढाई आदि के प्रशिक्षण भी शामिल हैं। उन्होंने मेले में लगी विभिन्न विभागों की योजनाओं को दर्शाती स्टॉल का अवलोकन किया और वहां पर आए हुए प्रार्थियों से बातचीत की। इस मौके पर जिला परिषद के सीईओ सतबीर सिंह कुंडू ने बताया कि मेले में 23 विभागों के स्टॉल लगाएं गए है, इसके अलावा बैंक द्वारा स्टॉल भी लगाया गया है। उन्होंने बताया कि मेले में एक वैलकम डेस्क, एक वेटिंग डेस्क,एक फाइनल सबमिशन डेस्क और 5 काउंसलिंग डेस्क जनता की सहायता के लिए लगाए गए है। इन स्टॉल पर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की डयूटी लगाई गई है। यह मेला 1 दिसंबर तक चलेगा। उन्होंने बताया कि सोमवार को 205 व्यक्तियों ने और मंगलवार को 197 व्यक्तियों ने मेले में आकर विभिन्न विभागों से सम्बन्धित जानकारी ली और अपने प्रार्थना पत्र से सम्बन्धित कार्य करवाया।