कुवि के शारीरिक शिक्षा विभाग तथा संकाय विकास केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में चल रही वर्कशाप का आठवां दिन सम्पन्न

समय की ताकत/संजीव बंसल कुरुक्षेत्र, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग तथा संकाय विकास केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे आनलाईन न्यूट्रीशन एंड डाइट प्लानिंग विषय पर हो रही वर्कशाप के आठवें दिन एलएनआईपी ग्वालियर से सहायक प्रोफेसर डॉ. नरेन्द्र यादव ने बताया कि किस प्रकार हम बिना यंत्रों के घर पर कपड़ा मापने वाले इंच टैप से अपनी उम्र, हाइट के अनुसार अपनी बीएमआई माप सकते हैं और बीएमआई के साधारण फार्मूले से पता लग जाता है कि आपका पेट साधारण है या आप उम्र से ज्यादा मोटे हैं या आप पेट कम है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर व्यक्ति फैट को लेकर चिन्तित रहेते है। पर उनका कहना था कि फैट भी शरीर के लिए जरूरी है जो हमें इंजरी से बचाता है तथा शरीर को शक्ति भी देता है। इसलिए अपन बीएमआई मापकर ही आहार लेना चाहिए तथा एक्सरसाईज करनी चाहिए। दूसरे व्याख्यान में वाणीभूषण वैज्ञानिक आफिसर साई, नई दिल्ली ने बताया कि किशोरावस्था के खिलाड़ियों को किस प्रकार के पोषक तत्व लेने चाहिए। वाणीभूषणं को 2000 अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों की आहार योजना का अनुभव प्राप्त है। अपने इसी अनुभव के आधार पर बताया कि खिलाड़ी सुबह बिना कुछ खाए अभ्यास करते हैं तो जल्दी थक जाते हैं। इसलिए सभी किशोरावस्था खिलाड़ियों के आहार योजना ऐसे बनाए जिससे उन्हें अधिक से अधिक पोषक तत्व प्राप्त हों। यदि इस उम्र से उनके आहार पर ध्यान दिया जाए तो आगे चलकर उनकी परफोरमेंस बढ़ सकती है। किशोरावस्था में खिलाड़ी जंक फूड खाना ज्यादा पसंद करते हैं लेकिन खिलाड़ियों को एक ही तेल में बार-बार पकाये हुए जंक फूड नहीं लेने चाहिए जो फरानसफैट पैदा करत है।। उन्हांने एनर्जी देने वाले भोजन प्रोटीन अमीनो एसिड के बारे में बताया कि भोजन में कैल्शियम तथा विटामिन होते हैं। विटामिन डी के स्रोत क्या हैं। उनका मानना था कि 90 प्रतिशत विटामिन डी सूर्य से मिलता है और सूर्य से विटामिन डी लेने का समय सुबह 11 से 2 बजे तक का है। खिलाड़ियों को कभी भी खाली पेट वर्कआउट नहीं करना चाहिए। इससे उनकी परफोरमेंस प्रभावित होती है। अंत में डीन तथा विभागाध्यक्ष शारीरिक शिक्षा विभाग डॉ. अरविन्द मलिक ने उनका धन्यवाद किया तथा सभी प्रतिभागियों को अगले सत्र की जानकारी दी।