सफीदों, 7 फरवरी (मोहित बंसल): राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन की एक बैठक नगर की घोड़ापुली पर संपन्न हुई। बैठक में बतौर मुख्ख्यातिथि संगठन के प्रदेशाध्यक्ष गुलशन डंग रहे। वहीं विशिष्टातिथि के तौर पर हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य अशोक गुलाटी व जिलाध्यक्ष रिशभ जैन ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन सफीदों ईकाई के अध्यक्ष बिल्लू सिंगला ने की। बैठक में उपस्थित व्यापारियों ने प्रदेशाध्यक्ष गुलशन डंग का पगड़ी पहनाकर जोरदार अभिनंदन किया। बैठक में व्यापारियों को आ रही दिक्कतों और उनके निराकरण को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। वहीं गुलशन डंग ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। वहीं नरवाना अनाज मंडी प्रधान जयदेव बंसल लोधरवाला के भाई जयपाल बंसल से 8 लाख 85 हजार रूपए की लूट की भत्र्सना की गई। अपने संबोधन में गुलशन डंग ने कहा कि केंद्र सरकार हठधर्मिता त्यागकर किसानों की मांगों को मानते हुए तीनों कृषि कानूनों को तत्काल प्रभाव से वापिस ले। लंबा खिंचता किसान आंदोलन किसी भी रूप में देशहित में नहीं है। गिनती के चार से पांच पूंजीपतियों को छोडकर ये कानून न तो किसानों के लिए, ना आढ़ती व ना व्यापारियों और ना ही आम जनता के हित में है। उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में अगर कोई सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है तो वह व्यवसाय व कृषि क्षेत्र रहा है। किसानों ने देश के लोगों का भेट भरा और व्यापारियों ने अर्थव्यवस्था को सबल देने का काम किया। उसके बावजूद भी केंद्र सरकार ने इस बजट में किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई। हरियाणा में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और व्यापारियों में दहशत का माहौल बना हुआ है। डंग ने कहा कि ई-कॉमर्स और इंटरनेट के जरिए विभिन्न सेवाएं दे रही विदेशी कंपनियों पर बजट 2021 में 1 अप्रैल 2020 से 2 प्रतिशत की दर से समानता शुल्क (इक्विलाइजेशन लेवी) का प्रावधान किया गया है। इस प्रावधान से व्यापारियों के बीच एक भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। ये कंपनियां भारत सरकार को किसी भी प्रकार का टैक्स जैसे आयकर या जीएसटी नहीं देती है, लेकिन अच्छा बिजनेस करती हैं। इसी वजह से भारत सरकार को राजस्व की हानि होती रही है। उन्होंने कहा कि बजट से पूर्व सुझावों में राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन ने सरकार के अनुरोध किया था कि सभी प्रकार के ई-कॉमर्स पोर्टल द्वारा बिक्री पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क वसूला जाए। बढ़ते ई-कॉमर्स ऑनलाइन व्यापार से भारत के करोड़ों पारंपरिक खुदरा व्यापारी का भविष्य अपने अस्तित्व को लेकर शंका में है। भारत बहुत बड़ा उपभोक्ता बाजार है और इसे विकसित करने में भारत सरकार एक बड़ा निवेश कर रही है। यदि भारत के बाजार में कोई विदेशी कंपनी कारोबार करती है तो इससे भारतीय कारोबारियों खासकर छोटे व मध्यम व्यापारियों को भारी नुकसान पहुंचेगा। इस मौके पर प्रमुख्ख रूप से जिलाध्यक्ष रिशभ जैन, प्रधान बिल्लू सिंगला, युवा प्रधान अमन जैन, अग्रवाल वैश्य समाज के अध्यक्ष प्रवीन मित्तल, डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष शंकर दास अरोड़ा, अनिल अग्रवाल जींद, राजू लखीना जींद, मनोज अरोड़ा, कैलास मंगला, हिमलेश जैन, पवन सिंगला, विनोद गर्ग, कृष्ण जैन, अशोक गोयल, मुकेश क्वात्रा, अभिषेक जैन, राजेश अरोड़ा, हैप्पी, सुरेश दुआ, पवन धवन सहित काफी तादाद में व्यापारीगण मौजूद थे।