संजीव बंसल /समय की ताकत
कुरुक्षेत्र, सिरसा लोकसभा की सासंद सुनीता दुग्गल ने कहा कि मातृ शक्ति समाज को नई दिशा देने के लिए अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा और संस्कार दें। आज समाज सही दिशा की तरफ आगे नहीं बढ रहा है,आज समाज में अच्छी शिक्षा, अच्छे संस्कार और चरित्र में कमी नजर आ रही है और किसी भी देश और प्रदेश की तरक्की के लिए इन विषयों का होना बहुत जरूरी है, इसलिए नारी शक्ति देश को मजबूत करने के लिए अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें और उनका चरित्र निर्माण करने में अहम भूमिका निभाएं। सासंद सुनीता दुग्गल मंंगलवार को देर सायं गीता ज्ञान संस्थानम केन्द्र में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद के सान्धिय में आयोजित मातृशक्ति और गीता विषय पर आयोजित सेमिनार में बोल रही थी। इससे पहले सासंद सुनीता दुग्गल, हिसार के विधायक डा. कमल गुप्ता, आईएएस अधिकारी सुमेधा कटारिया, हरियाणा लोकसभा आयोग की सदस्य वंदना सैनी ने गीता पूजन कर विधिवत रूप से सेमिनार का शुभांरभ किया। इस सेमिनार में सबसे पहले गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने मातृशक्ति और गीता विषय पर बोलते हुए कहा कि पवित्र गं्रथ घर-घर की प्रेरणा बनाने के लिए अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव 2020 को लेकर मातृशक्ति और गीता विषय का चयन किया गया। इस वर्ष कोविड-19 के कारण सेमिनार में नारी शक्ति को सीमित मात्रा में ही आमंत्रित किया गया है और इस सेमिनार में पूरी तरह से कोविड-19 की गाईंडलाईंस की पालना की गई है। इस सेमिनार का उद्देश्य यह है कि मातृशक्ति के सुझाव और सम्बोधन को सुनकर समाज के लिए कुछ नया किया जाए ताकि मातृशक्ति देश की तरक्की में अपना योगदान दें सके, इसके लिए अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा और संस्कार दें सके। इस सेमिनार से मातृशक्ति को और प्रेरणा मिलेगी और समाज को भी नई दिशा मिलेगी।सासंद सुनीता दुग्गल ने गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद को नमन करते हुए कहा कि गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद के द्वारा किए गए प्रयास निश्चित ही रंग लाएंगे और नारी शक्ति को नई प्रेरणा और नई दिशा भी मिलेगी। महिलाओं को एकत्रित करके पवित्र ग्रंथ गीता के विषय पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित करने का कार्य एक सरहानीय कदम है। यह कदम समाज को आगे बढाने में कारगार सिद्घ होंगे। इस प्रकार के सेमिनार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भारत को फिर से विश्व गुरू बनाने के सपने को भी साकार करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आज समाज ठीक दिशा में आगे नहीं बढ रहा है। समाज पर पाश्चात्य साहित्य का प्रभाव पड रहा है इसलिए आज नारी शक्ति को परम्परा का निर्वाह करते हुए अपनी शक्ति और जिम्मेवारी को समझना होगा। इस कार्य को करने के लिए पवित्र ग्रंथ गीता का अनुसरण भी करना होगा। आईएएस अधिकारी सुमेधा कटारिया ने गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद द्वारा किए गए प्रयासों की प्रशसंा करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया आज इन उपदेशों को पढने,समझने के साथ-साथ अपने जीवन में धारण करने की जरूरत है। आज नारी शक्ति के सामने अनेक चुनौतियां है, इन चुनौतियों का सामना करने के लिए नारी शक्ति को गीता के उपदेशों को अपने जीवन में अपनाना होगा और कर्म करके जीत हासिल करनी होगी। इस सेमिनार में एचपीसीएससी की सदस्य वंदना शर्मा, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डा. मंजुला चौधरी, सुषमा गुप्ता, लतिका शर्मा, डा. विनय कपूर,डा. नीलम सहानी सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस कार्यक्रम के मंच का संचालन ज्योति श्योरान ने किया।
