पवित्र ग्रंथ गीता एक पुस्तक ही नहीं जीवन का एक जीता-जागता दर्शन : बनवारी

 


  • संजीव बंसल /समय की ताकत
कुरुक्षेत्र 22 दिसम्बर, हरियाणा के सहकारिता मंत्री बनवारी लाल ने कहा कि गीता शक्ति का प्रतीक है, गीता अध्यात्म और शांति का रास्ता है। सदियों वर्ष पूर्व भगवान श्री कृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था, इन उपदेशों को आज भी अपने जीवन में शामिल की जरूरत है। श्रीमदभगवद गीता भगवान का भेजा हुआ संदेश है। गीता गं्रथ नहीं बल्कि जीवन का जीता जागता दर्शन है, गीता स्वस्थ जीवन का मूलमंत्र देती है तथा गीता जीवन जीने की कला है।
सहकारिता मंत्री बनवारी लाल मंगलवार को देर सायं ब्रहमसरोवर पुरुषोतमपुरा बाग में महोत्सव के गीता महाआरती कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रुप में बोल रहे थे। इससे पहले सहकारिता मंत्री बनवारी लाल, सिरसा लोकसभा सांसद सुनीता दुग्गल, हिसार से विधायक डा. कमल गुप्ता, जिला सत्र एवं न्यायाधीश अजय शारदा, हरियाणा योग परिषद के वाईस चेयरमैन जयदीप आर्य, रैडक्रास की उप-प्रधान सुषमा गुप्ता, घूमंतु जनजाति बोर्ड हरियाणा के सलाहकार दल सिंह, शहरी गोधन महासंघ के अध्यक्ष विजय खुराना, केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा, भाजपा के जिलाध्यक्ष राजकुमार सैनी, जिला महामंत्री सुशील राणा, पूर्व केडीबी सदस्य डा. सौरभ चौधरी, अक्षय नंदा सहित अन्य गणमान्य लोगों ने अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव पर ब्रहमसरोवर की महाआरती और पूजा-अर्चना की तथा दीपशिखा प्रज्ज्वलित कर विधिवत रुप से महाआरती का शुभारम्भ भी किया। इस महाआरती का गुणगान पंडित बलराम गौतम, पंडित सोमनाथ शर्मा, गोपाल कृष्ण गौतम, अनिल व रुद्र ने किया।
सहकारिता मंत्री बनवारी लाल ने कहा कि पहले कुरुक्षेत्र को महाभारत की भूमि कहा जाता था लेकिन इसे अब भगवद गीता की भूमि कहा जाने लगा है। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि हर व्यक्ति को गीता का ज्ञान मिले इसके मध्यनजर इस बार अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव का सीधा प्रसारण ऑनलाईन प्रणाली के माध्यम से विदेशों व देश के गांव-गांव तक किया जा रहा है, 21वीं सदी में गीता औषधी के सामान है, गीता का ज्ञान सबको होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण कार्यक्रमों का आयोजन सीमित मात्रा में किया गया है। इस बार कार्यक्रमों का आयोजन वर्चुअल, आनलाईन और सोशल मीडिया के माध्यम से किया जा रहा है। इसके साथ-साथ गांव स्तर पर भी आनलाईन माध्यम से इन कार्यक्रमों को देखने की व्यवस्था की गई है।
सांसद सुनीता दुग्गल ने कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता विश्व का एक महान ग्रंथ है। इस ग्रंथ में कहे गए एक-एक श्लोक में मानवता के लिए कुछ ना कुछ है। इसलिए अपने जीवन को सफल बनाने और सही मार्गदर्शन के लिए प्रत्येक मनुष्य को अपने जीवन में पवित्र ग्रंथ गीता के श्लोकों को धारण करना चाहिए। इस ग्रंथ के प्रत्येक श्लोक को स्मरण करने से मन को अध्यात्मिक शांति का अनुभव होता। विश्व में गीता की पूजा हो रही है। भगवान श्री कृष्ण ने गीता का जो संदेश दिया था, गीता के उस सार को सभी को अपने जीवन में अपनाने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद एक्टिव होकर अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव के आयोजन में लगे हुए है और पवित्र ग्रंथ गीता को जन-जन तक पहुंचाने का काम कर रहे है। उन्होंने कहा कि 25 दिसम्बर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर पहुंच रहे है।
केडीबी सीईओ अनुभव मेहता ने मेहमानों का आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम के मंच का संचालन डा. अशोक शर्मा ने किया। इस कार्यक्रम के अंत में केडीबी की तरफ से सहकारिता मंत्री बनवारी लाल, सांसद सुनीता दुग्गल व अन्य मेहमानों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर एसडीएम अखिल पिलानी, अंडर ट्रेनिंग आईएएस अधिकारी वैशाली सिंह, केडीबी सीईओ अनुभव मेहता, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुरजीत कौर, धर्म जागरण परलेखन विभाग के प्रांत संयोजक राजकुमार वत्स आदि उपस्थित थे।