भारत का संविधान है लोकतंत्र की आत्मा, संविधान देता है मौलिक अधिकारों एवं अभिव्यक्ति की आजादी : विधायक ईश्वर सिंह





संजीव कौशिक/समय की ताकत

कैथल, 26 नवंबर, गुहला विधायक ईश्वर सिंह ने कहा कि भारत का संविधान लोकतंत्र की आत्मा है। यह संविधान 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत व अधिनियमित किया गया था। हमारा संविधान नागरिकों को नैतिक कर्तव्यों, मौलिक अधिकारों एवं अभिव्यक्ति की आजादी प्रदान करता है और एक समानता का पूरक है। विधायक ईश्वर सिंह संविधान दिवस के अवसर पर जगदीशपुरा स्थित डॉ. भीम राव अंबेडकर राजकीय कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्रिंसीपल डॉ. ऋषिपाल बेदी ने की। विधायक ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीपशिखा प्रज्ज्वलित करके किया। इससे पहले विधायक ने कॉलेज परिसर में भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की आधारशिला रखी। विधायक ईश्वर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज के दिन को पूरे देश में संविधान दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। संविधान दिवस पर हम संविधान निर्माता भारत रत्न एवं महान समाज सुधारक बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर के अथक प्रयासों को भी याद करते हैं। हमारा संविधान दूनिया का सबसे बड़ा संविधान है, जो सख्त और लचीला भी है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह भारत के संविधान को स्वीकारते हुए उसे अपनाएं और उसमें अपनी सच्ची आस्था रखे। प्रिंसीपल डॉ. ऋषिपाल बेदी ने कहा कि भारतीय संविधान की विशेषता है कि देश के सभी नागरिकों को बराबर के अधिकार मिले हैं, संविधान के अनुसार कोई भी नागरिक छोटा या बड़ा नहीं है। भारतीय संविधान देश को संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथ निरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए अपने समस्त नागरिकों को सामाजिक,आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठïा व समता का अवसर प्रदान करता है।  इस अवसर पर प्रिंसीपल डॉ. ऋषिपाल बेदी, प्रीतम कौलेखां, डॉ. अनिता अरोड़ा, राजेंद्र, डॉ. सीमा, जगदीश मेहरा, महावीर सिंह, गजे सिंह, राजेश, प्रीतम मेहरा, रामेश्वर सिरोही, कृष्ण सिरोही, राजेश सिंहमार, रामकुमार आदि मौजूद रहे।