घग्गर नदी के किनारे पीरमुच्छैला गाँव के नजदीक माइनिंग माफिया ने नदी में अवैध माइनिंग कर उसका असली रूप बिगाड़ दिया




चंडीगढ़ /पंचकूला 5 नवंबर (वासु के मेहता राजधानी ब्यूरो प्रमुख):क्षेत्र से गुज़रती घग्गर नदी के किनारे पीरमुच्छैला गाँव के नजदीक माइनिंग माफिया ने नदी में अवैध माइनिंग कर उसका असली रूप बिगाड़ दिया है जिस वजह से नजदीकी खेतों के अस्तित्व पर भी खतरा मंडराने लगा है। खनन माफिया ने घग्गर नदी की पवित्रता को भी ख़त्म कर दिया है। माफिया ने नदी में 10 से 15 फुट गहरे गड्ढे कर दिए हैं।

रेत माफिया वातावरण और खनिज नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए घग्गर नदी में अवैध रेत और गरैवर खनन कर रहे हैं। भारी पोकलेन मशीनों के साथ धरती चीर कर टिप्पर रेत और गरैवर निकाली जा रही है, जबकि प्रशासनिक धिकारियों का कहना है कि उनको जब अवैध खनन की जानकारी मिलती है तो वह कार्रवाई करते हैं।

गाँव पीरमुछैला की हदबस्त वाली इस नदी क्षेत्र में पाबंदी वाली हैवी पोकलैन मशीनों के साथ रात के अंधेरे में चोरी -छिपे नाजायज माइनिंग जारी है। ज़िला प्रशासन आधिकारियों ने चाहे खनन माफिया पर शिकंजा कसा है और चैकिंग करने के लिए अलग अलग विभागों के आधिकारियों की ड्यूटियां लगाई हैं परन्तु इस के बावजूद कुछ लोगों द्वारा अवैध माईनिग की जा रही है। मौके पर देखा गया कि खनन माफिया ने घग्गर नदी की जड़ें हिला कर रख दीं हैं। मिली जानकारी अनुसार पीरमुच्छैला क्षेत्र के नज़दीक खेतों के पिछले तरफ़ कुछ व्यक्तियों द्वारा रात 12 बजे के बाद घग्गर नदी में अवैध माइनिंग की जा रही है। यह लोग पूरी रणनीति के अंतर्गत माइनिंग करते हैं। उनके कारिंदे अलग अलग सड़कें पर नाके लगाते हैं जिससे उनको अधिकारियों के आने की सूचना मिल सके। यह सारा काम रात को 11 बजे के बाद शुरू होकर सुबह सुबह 5 बजे तक चलता है।

2017 से पहले माइन माफिया का राज्य से सफाया करने का नारा ले कांग्रेस सत्ता पर काबिज़ हुई थी। आरोप था कि माइनिंग माफिया अकालियों की सरप्रस्ती में चल रहा है। 2017 पंजाब विधान सभा चुनाव दौरान कैप्टन ने गाँव -गाँव जा कर जहाँ पंजाब से 4 हफ़्तों में नशे को ख़त्म करने की कसम उठाई, वहीं दूसरे तरफ़ राज्य के लोगों को माइनिंग माफिया से निजात दिलाने का वायदा किया था। जनता ने कांग्रेस पर भरोसा कर सत्ता तो दिला दी परन्तु हालात अकाली सरकार जैसे ही सामने आए। विरोध में बैठा अकाली दल अब आरोप लगा रहा है कि माइन माफिया सरकार की सरप्रस्ती में पैदा हो रहा है, जबकि पहले विरोध में बैठी कांग्रेस का यही आरोप था।

इस गैरकानूनी खनन के कारण क्षेत्र के लोगों में रोष पाया जा रहा है। जब गाँवों के निवासी माफिया के ख़िलाफ़ बोलते हैं तो प्रशासनिक अधिकारी खनन माफिया की मशीनें और टिप्पर पकड़ कर ले जाते हैं और कार्यवाही का भरोसा दिलाते हैं परन्तु फिर भी ठोस कार्रवाई नहीं होती। यदि नदी में गैरकानूनी खनन जारी रहा तो नजदीकी किसानों का काफ़ी नुक्सान हो जायेगा। गाँवों के किसानों ने बताया कि नदी में खुदाई कारण पानी का स्तर काफ़ी गहरा हो गया है।

ज़िक्रयोग्य है कि 2017 से पहले माइन माफिया का राज्य से सफाया करने का नारा ले कांग्रेस सत्ता पर काबिज़ हुई थी। आरोप था कि माइनिंग माफिया अकालियों की सरप्रस्ती में चल रहा है। 2017 पंजाब विधान सभा चुनाव दौरान कैप्टन ने गाँव -गाँव जा कर जहाँ पंजाब से 4 हफ़्तों में नशे को ख़त्म करने की कसम उठाई, वहीं दूसरे तरफ़ राज्य के लोगों को माइनिंग माफिया से निजात दिलाने का वायदा किया था। जनता ने कांग्रेस पर भरोसा कर सत्ता तो दिला दी परन्तु हालात अकाली सरकार जैसे ही सामने आए। विरोध में बैठा अकाली दल अब आरोप लगा रहा है कि माइन माफिया सरकार की सरप्रस्ती में पैदा हो रहा है, जबकि पहले विरोध में बैठी कांग्रेस का यही आरोप था।

एसडीएम ने दिया कार्रवाई का भरोसा

एसडीएम डेराबस्सी कुलदीप बावा ने कहा है कि यदि घग्गर नदी में गैरकानूनी माइनिंग होती है तो ऐसे लोगों विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि नदी किनारे एक गाँव की हद्दबसत में गैरकानूनी माइनिंग की शिकायतें आई हैं वहां माइनिंग विभाग के आधिकारियों को भेज कर मामले की जांच करवाई जायेगी।