डॉ. संजीव कुमारी ने वर्ष 2018 की हरियाणा साहित्य अकादमी पंचकूला द्वारा घोषित श्रेष्ठ कृति “ झड़ते पत्ते” महंत बंसीपुरी जी महाराज को भेंट की

वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक।
कुरुक्षेत्र  :- अंतर्राष्ट्रीय  पर्यावरणविद्  डॉ. संजीव कुमारी की पर्यावरण सतसई " झड़ते पत्ते" साहित्य अकादमी हरियाणा के द्वारा श्रेष्ठ कृति के रूप में सम्मान हेतु चयनित की गई है। यही नहीं उनकी दूसरी प्रकाशाधीन पुस्तक " तिसाया जोहड़ " को भी अनुदान प्रदान किया गया है। उनको मिले  दोहरे सम्मान से चहुँ औऱ हर्ष व्याप्त है ।
 उनकी पर्यावरण सतसई पर आधारित 'झड़ते पत्ते' नामक पुस्तक को हरियाणा साहित्य अकादमी पंचकूला के द्वारा वर्ष 2018 के हिंदी श्रेष्ठ कृति योजना के अंतर्गत 31,000 रुपए का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। विदित हो कि इस पुस्तक का विमोचन महामहिम राज्यपाल हरियाणा  सत्यदेव नारायण आर्य  ने राजभवन चंडीगढ़ में किया था। यह हरियाणा के सामान्य ज्ञान में बतौर प्रशन आती है।  यह पुस्तक चर्चाओं में रही है क्योंकि यह अपने आप में पूरे भारतवर्ष में एक अलग तरह की पुस्तक है , जिसमें पर्यावरण संरक्षण पर 707 दोहे लिखे गए हैं। इसी कारण से यह इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज होने का खिताब हासिल कर चुकी हैं।  डॉ. संजीव कुमारी ने आज महाभारतकालीन स्थानेश्वर  महादेव मन्दिर कुरुक्षेत्र में  महंत बंसी पुरी जी महाराज को यह पुस्तक भेंट कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया।