नरवाना, 21 अक्टूबर (मोहित बंसल) फेडरेशन ऑफ प्राईवेट स्कूल एसोसिएशन के जिला प्रधान सतपाल जागलान ने सरकार से आग्रह किया कि सरकार पहली से बारहवीं कक्षा तक के स्कूलों को खोलने का पत्र जारी करे, क्योंकि पिछले सात महीनों से सभी स्कूल बंद पड़े हैं। ऑनलाईन पढ़ाया तो जा रहा है परन्तु ग्रामीण परिवेश के बच्चों को इसका पूर्ण ज्ञान न होने के कारण ग्रामीण बच्चों को शिक्षा से वंचित रहना पड़ रहा है। जिसकी वजह से ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चें पूर्णत खाली बैठे हैं और अभिभावक स्कूलों में आकर स्कूल खोलने के लिए दबाव बना रहे हैं जिसकी वजह से खासकर प्राईवेट स्कूल संचालक संशय में फंसे हैं कि करे भी तो क्या करे। नौंवी से बारहवीं के विद्यार्थी परामर्श के लिए आते हैं परन्तु कई अभिभावक जबरदस्ती छोटे बच्चों को साथ भेज देते हैं और जिद कर रहे हैं कि जब बड़े बच्चों को बुलाया जा रहा है तो हमारे बच्चों को क्यों नहीं बुलाया जा रहा। सरकार को भी बच्चों के भविष्य के बारे सोचना चाहिए कि आज हरियाणा प्रदेश में कोरोना नाम की कोई बीमारी शेष नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह स्कूलों को बंद रखा गया तो एक पीढ़ी शिक्षा से वंचित रह जाएगी और शिक्षा में एक वर्ष का गैप आ जाएगा जो देश व प्रदेश के लिए घातक सिद्ध होगा। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटिश सरकार ने जब अपना बजट पेश किया तो सभी मदों में कटौती की थी परन्तु शिक्षा के बजट में कोई कटौती नहीं की थी। तब विपक्ष ने शोर मचाया कि जब सभी मदों में कटौती की है तो शिक्षा में क्यों नहीं इस पर प्रधानमंत्री ने स्वयं स्टैण्ड लिया और कहा था कि भवन नष्ट हुए है दोबारा बना लेंगे, पुल टुटे हैं फिर से तैयार कर लेंगे परन्तु शिक्षा में यदि गैप आया तो एक पीढ़ी में गैप आ जाएगा जिसका खामियाजा हम वर्षों तक पूरा नहीं कर सकेंगे इसलिए शिक्षा के बजट में नया पैसा भी कम नहीं होगा। मेरा आग्रह है कि सरकार की सोच शिक्षा के प्रति यही होनी चाहिए तथा स्कूल शर्तों के साथ तुरन्त खोल देने चाहिए ताकि शिक्षा में आने वाले गैप को बचाया जा सके।
