रामलीला के पांचवे दिन कटी सवरूपनखां की नाक, खर-दुषण का हुआ वध आज छठे दिन, लक्षमण मूर्छा तक के दृश्य दिखाए जाएंगे

नरवाना, 22 अक्तूबर (मोहित बंसल) श्रीरामा भारतीय कला केंद्र के तत्वावधन में हुड्डा में चल रही रामलीला मंचन के पांचवे दिन भरत मिलाप, सवरूपनखां की नाक का काटना और खर-दुषण वध के दृश्य प्रस्तुत किए गए। आज शुक्रवार को मंच पर लक्षमण मूर्छा तक के दृश्य दिखाए जाएंगे। वीरवार को मंचन का शुभारंभ मुख्यातिथि के तौर पर पहुंचे नगर परिषद प्रधान प्रतिनिधि व पार्षद सुदेश चौपड़ा, उप-प्रधान व पार्षद राजू प्रजापति, पार्षद संजू चौपड़ा, मंडी प्रधान जयदेव बंसल, शहर थाना प्रभारी महेंद्र सिंह और हुड्डा चौकी इंचार्ज दिलबाग गलाडी ने रिबन काटकर किया। इन सभी अतिथियों को केंद्र के सरपरस्त रामकुमार गोयल ठेकेदार, प्रधान भारत भूषण गर्ग, सुशील कुमार, महाबीर जैन, रामकुमार उर्फ गोधू, देवेंद्र सिंगला, हरीश अरोड़ा, श्याम सुंदर, वेद अरोड़ा, प्रमोद सिंगला, महाबीर जैन, अमृत लाल उझाना, कपूर चंद सिंगला द्वारा सम्मानित किया गया।  
पांचवे दिन की लीला में भरत मिलाप के दृश्य में भाई का भाई के प्रति प्रेम को दिखाया गया। उसमें बताया गया कि एक भाई के 14 वर्षों तक वनों में जाने के बाद दूसरा भाई उसे किस तरह से ढूंढता हुआ वनों में जा पहुंचता है। भरत से मिलने के बाद भगवान श्रीराम, लक्षमण और सीता पंचवटी में कुछ देर विश्राम के लिए रूकते हैं तो वहीं उन्हें एक साथ देख सवरूपनखां अपना रूप बदलकर राम के पास जा पहुंचती है और अपने प्रेम प्रसंग से लेकर शादी का प्रस्ताव तक राम के सामने रख देती है। लेकिन भगवान राम अपनी पत्नी सीता और छोटे भाई लक्षमण का हवाला देते हुए सवरूपनखां के इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर देते हैं और अपने छोटे भाई लक्षमण के पास जाने के की बात कह देते हैं। इससे सवरूपनखां नाराज होकर लक्षमण के सामने भी अपना प्रेम जाहिर करती है। सवरूपनखां की ऐसी बातों से लक्षमण क्रोधित होकर अपने शस्त्र से उसकी नाक पर वार कर काट देते हैं। उसके बाद वह सवरूपनखां खर-दुषण के पास पहुंचकर यह सारा वृतांत बताती है। सवरूपनखां की ऐसी बातों को सुनक र वह भगवान राम और लक्षमण के पास युद्ध के लिए जाते हैं और युद्ध दौरान उनका वध कर दिया जाता है। पांचवे दिन भरत का अभिनय में प्रमोद सिंगला, कौशल्या-कुलदीप वर्मा, कैकयी-प्रेम अरोड़ा, मंथरा राकेश सेतिया, राम-विशाल शर्मा, सीता-श्याम, लक्ष्मण-रामप्रकाश, खर-रामदास, सवरूपनखां-हिमांशु गोयल ने निभाया।