सेवानिवृत्त पूर्व मुख्य सचिव डीएसजेसी बने मुख्यमंत्री हरियाणा के प्रधान सचिव



चंडीगढ़ (वासु के मेहता) हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) के पंचकूला स्थित कार्यालय में सोमवार दोपहर बाद 18 अक्तूबर तक एचईआरसी के चेयरमैन रहे और अब मुख्यमंत्री के नवनियुक्त चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी बने दीपेंद्र सिंह ढेसी को आयोग के दोनों सदस्यों और अधिकारियों ने एक फेयरवैल पार्टी दी।इस मौके पर दीपेंद्र सिंह ढेसी ने कहा कि उन्होंने एचईआरसी के अध्यक्ष के तौर पर 14 अगस्त 2019 को ज्चॉइन किया था, करीब 14 महीने यहां काम किया। विद्युत विभाग एक बड़ा ही रूचिकर और चुनौतिपूर्ण है, यहां काम करने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने अपने संक्षिप्त व्यक्तव्य में आयोग के अधिकारियों को कुछ जरूरी टिप्स दिए, उन्होंने बताया कि फोरम ऑफ रेगुलेटर (फॉर) जो सभी राज्यों के विद्युत विनियामक आयोग के अध्यक्षों का समुह है, इसकी मीटिंगों में एक दूसरे राज्य से बहुत कुछ सिखने को मिलता है।कोविड से पहले तो वैसे फिजिकली मीटिंगें होती थी, लेकिन अब हर 10-15 दिन में वर्चुअली मीटिंग होती थी, इन मीटिंगों से दूसरे राज्यों के विद्युत विनियामक आयोग के अध्यक्षों के विचारों का आदान प्रदान तो होता ही है, साथ ही इससे कुछ नया करने को भी मिलता है।एचईआरसी के सदस्य प्राविंद्रा सिंह चौहान ने कहा कि दीपेंद्र सिंह ढेसी के कार्यकाल को कभी नहीं भुलाया जा सकता, उनके साथ काम करना अपने आप में एक गर्व का अनुभव है। आयोग के सदस्य नरेश सरदाना ने कहा कि दीपेंद्र सिंह ढेसी आयोग के अध्यक्ष बनने से पहले मुख्यसचिव के तौर पर उदय स्कीम की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा किया करते थे, तब से उनके साथ जुड़े हुए हैं। यहां आयोग के अध्यक्ष तौर पर भी उन्होंने जो महत्वपूर्ण निर्णय लिए वह अपने आपमें एक मिशाल है। आयोग के सचिव अनिल दून ने कहा कि दीपेंद्र सिंह ढेसी के साथ काम करके उनके अनुभव का जो लाभ मिला, वह शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। एचईआरसी के डायरेक्टर (टैरिफ) संजय वर्मा, डायरेक्टर टेक्रिकल वीरेंद्र सिंह, अतिरिक्त निदेशक (अकाउंटस) सुरभि जैन सहित एचईआरसी के दूसरे कई अधिकारियों ने दीपेंद्र सिंह ढेसी के कार्यों की जमकर प्रशंसा की।