फसल अवशेषों का किया जा सकता है बिजली बनाने में उपयोग : बराड़



पिहोवा (जसविन्द्र सिंह राजउपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने कहा कि फसल अवशेषों का बिजली बनाने में उपयोग किया जा सकता है। इसलिए किसानों को फसल अवशेषों को आग नहीं लगानी चाहिए। किसान अपनी खेतों की पराली को बेचकर 1 हजार रुपए प्रति एकड़ राज्य सरकार की योजना अनुसार लाभ उठा सकते है। इस क्षेत्र में सैनसन पेपर मिल पराली प्रबंधन का बखूबी काम कर रहा है। इससे पर्यावरण भी दूषित नहीं होता और किसानों को सरकार की योजना का आर्थिक रुप से लाभ भी मिल पाएगा। वे मंगलवार को देर सायं पिहोवा सैनसन पेपर मिल का निरीक्षण करने के उपरांत अधिकारियों से बातचीत कर रही थी। इससे पहले उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़, एसडीएम सोनू राम सहित अन्य अधिकारियों ने मिल का अवलोकन कर पराली प्रबंधन और पराली से बिजली बनाने का जायजा लिया। इस दौरान मिल के मालिक प्रदीप सैनी ने सैनसन पेपर मिल में किए जा रहे पराली प्रबंधन के बारे में विस्तार जानकारी मुहैया करवाई। उपायुक्त शरणदीप बराड़ ने कहा कि फसलों के अवशेषों को जलाने की बजाय उनका सही इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे वातावरण को प्रदूषित होने से बचाने के साथ-साथ अवशेषों का इस्तेमाल गत्ता व पेपर बनाकर किया जा सकता है। किसानों को पराली न जलाने बारे ज्यादा से ज्यादा जागरुक करके इसके अवशेषों का सही प्रकार से उपयोग बारे बताया जाना चाहिए।उन्होंने अवशेषों का उपयोग करके बिजली बनाने पर मिल की सराहना की। उन्होंने मिल के अधिकारियों से फसल के अवशेषों का सदुपयोग कर पेपर व गत्ता बनाने, बिजली के उत्पादन व खपत बारे जानकारी ली। इस पर पेपर मिल के निदेशक ने बताया कि उनके पास 9 मेगावाट बिजली बनाने का प्रस्ताव है, जिसमें से 6 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा चुका है। सेन्सन पेपर मिल के निदेशक प्रदीप सैनी व हरिकृष्ण ने बताया कि मिल की तरफ से किसानों को फसल अवशेषों को काटने के लिए रोलर मशीन उपलब्ध करवाई जाती है। इसके अतिरिक्त वे फसलों के अवशेषों को मिल तक पहुंचाने के लिए यातायात के साधन भी उपलब्ध करवाते हैं। किसानों से 140 रुपए प्रति क्विंटल पराली लेते हैं। अब तक मिल में 12 लाख क्विंटल पराली स्टॉक रखा जा चुका है, जिनका भुगतान सम्बंधित किसानों को कर दिया गया है। सैन्सन पेपर मिल में तीन हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। एसडीएम सोनू राम ने कहा कि अब कुल एक लाख 32 हजार एकड़ भूमि में से 75 हजार एकड़ भूमि की फसल के अवशेष विभिन्न मिलों में आ चुके हैं। इन अवशेषों का सही उपयोग मिलों द्वारा किया जा रहा है। पिहोवा खंड के गांवों का ब्यौरा देते हुए कहा कि उपमंडल पिहोवा के सभी गांवों में टीमें व नोडल अधिकारी फसलों के अवशेषों को न जलाने पर पूरी निगरानी रखे हुए हैं। इस मौके पर कृषि विभाग के उप-निदेशक, बीडीपीओ नरेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार राजेंद्र रोहिल्ला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।