जीवन जो अपने लिए कभी नहीं है जीता
ऐसे होते हैं हम सब के पिता
बिना थके जिम्मेदारियों का बोझ
जो है उठाता
मां से भी ज्यादा जो दिल में रखता है ममता
बच्चों की खुशी के लिए शरीर को भी जो बेच देता
ऐसे होते हैं हम सब के पिता
सब की ख्वाहिशों को पूरा करने की जिद्द है जो रखता
खुद भूखा रखकर भी जो सबका पेट है पालता
आखरी सांस तक जो अपने बच्चों की चिंता है करता
ऐसे होते हैं हम सब के पिता
अपनी बेटियों को राजकुमारी की तरह जो है पालता
अपने बेटे को भी हमेशा राजकुमार है समझता
खून का कतरा कतरा उनपर है जो न्योछावर करता
ऐसे होते हैं हम सब के पिता
दिल से आज मैं हूं यह स्वीकारता
सौ जन्म लेकर भी पिता का कर्ज
कोई नहीं उतार सकता
क्योंकि हर काम वो निस्वार्थ भाव से है करता
बदले में किसी चीज की इच्छा नहीं है रखता
जीवन जो अपने लिए नहीं है जीता
ऐसे होते हैं हम सब के पिता