- एसडीएम ने डीडीए, बीडपीओ, सरपंचों व ग्राम सचिवों की ली बैठक
- किसानों से की पराली का प्रबंधन करने की अपील
कुरुक्षेत्र (समय की ताकत) उपमंडल अधिकारी नागरिक डा. किरण सिंह ने कहा कि पराली का प्रबंधन करने वाले किसानों को हजार रुपए प्रति एकड का लाभ राज्य सरकार की तरफ से दिया जाएगा। इसके साथ ही पराली की बिक्री करने वाले किसानों को पराली से बिक्री से सम्बन्धित बिल प्रस्तुत करने पर भी लाभ दिया जाएगा। इसलिए किसानों से बार-बार अपील की जा रही है कि पराली को आग ना लगाएं और पराली की बिक्री करके हजार रुपए प्रति एकड का लाभ उठाएं।
एसडीएम डा. किरण सिंह ने वीरवार को वीसी के माध्यम से डीडीए, बीडीपीओ, सरपंचों व ग्राम सचिवों की एक बैठक को सम्बोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से किसानों को पराली का प्रबंधन करने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। सरकार के आदेशानुसार और उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ के मार्गदर्शन में किसानों को पराली का प्रबंधन करने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अब सरकार ने किसानों को पराली का प्रबंधन करने पर आर्थिक लाभ देने का निर्णय लिया है। सरकार के आदेशानुसार किसानों को प्रति एकड एक हजार रुपए की राशि पराली का प्रबंधन करने के लिए दी जाएगी। सरकार के इस निर्णय का लाभ उठाने के लिए किसानों को विभाग के पोर्टल पर रजिस्टर करवाना होगा और अपनी पंसद की इन्डस्ट्री या पंचायत के पास पराली का प्रबंधन करवाना होगा। यह लाभ उन किसानों को भी दिया जाएगा जो किसान पराली को बंडल के रूप में बनाकर बिक्री करने का सबूत या बिल सम्बन्धित एजेंसी या उद्योग द्वारा जारी किया गया होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ उन किसानों को भी मिलेगा जिन्होंने ग्राम पंचायत द्वारा मुहैया करवाई गई जगह पर पराली के बंडलों को स्टोर किया हुआ है और पंचायत द्वारा इसको प्रमाणित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को प्रशासन की तरफ से बार-बार जागरूक किया जा रहा है कि फानो में आग ना लगाएं, क्योंकि फानों में आग लगाने से मित्र किट नष्टï हो रहे है और पर्यावरण दूषित हो रहा है, अगर किसान पराली का प्रबंधन करेंगे तो प्रति एकड एक हजार रुपए का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी किसान खेतों में अवशेषों को आग ना लगाए, इससे जहां प्रदूषण होता है वहीं जान-माल के नुकसान की भी आशंका बनी रहती है। इसलिए किसानों को प्रशासन और सरकार का साथ देना चाहिए।

