जिला ब्यूरो चीफ=आशीष कुमार गुप्ता
थैलीसीमिया, रक्ताल्पता समेत कई आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन बचाने के लिए रक्त के आधान की जरूरत पड़ती है।दूसरों द्वारा किया गया रक्तदान ही इस जरूरत को पूरा करता है। रक्तदान के प्रति समाज में कई तरह की भ्रांतियां मौजूद हैं, इस कारण बहुत से लोग रक्तदान को आगे नहीं आते हैं। पर कई लोग ऐसे भी हैं जो लोगों का जीवन बचाने के साथ-साथ समाज को नई राह दिखाते हैं। कृपया आप सब भी रक्तदान करें और किसी को नई ज़िंदगी दें।यह कहानी है जनपद बलरामपुर की रक्ताल्पता से जूझ रही जब बलरामपुर की सुमन पाठक के कोख़ से पैदा हुई बेटी ने बेड पर पड़ी मां सुमन पाठक को किसी तरह देखने तो गई लेकिन जैसे ही पता चला कि रक्त की कमी है कोई सुमन पाठक के ब्लड रिलेशन का खून देगा तभी बच सकती है तो बेटी ने अस्पताल से चुपके से निकल ली व रक्त देने से मुँह मोड़ लिया तो फिरसेम ब्लड ग्रुप की मेरठ की श्रीमतीअरुणांपुनिया व रानीजोतदेवरिया के विशाल सिंह ने आगे आकर दिया रक्त ।श्रीमती अरुणां पुनिया व श्री विशाल सिंह को इस नेक कार्य के लिए आभार व्यक्त करता है