खतरे में ‘सहारा’ में जमा चार करोड़ लोगों के 86,673 करोड़ रुपए, सरकार ने बताया गड़बड़, जमा लेने पर रोक

ब्यूरोचीफ=आशीष कुमार गुप्ता
लखनऊ=सरकार अनियमितताओं के मामले में जिन चार चार समितियों की जांच करेगी उनमें सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (2010 में स्थापित), हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, सहारयन यूनिवर्सल मल्टीपरपज सोसायटी लिमिटेड और स्टार्स मल्टीपरपज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड शामिल हैं।
रजिस्ट्रार के मुताबिक ‘एंबी वैली’ में जो करोड़ों रुपए का निवेश किया गया वो सहकारी समितियों के नियमों के खिलाफ है।
सहारा ग्रुप एक बार फिर सुर्खियों में हैं। पता चला है कि साल 2012 और 2014 के बीच ग्रुप की तीन सहकारी समितियों को चालू किया गया और चार करोड़ जमाकर्ताओं से 86,673 करोड़ रुपए जमा किए गए। इसी वक्त सुप्रीम कोर्ट ने ग्रुप की दो कंपनियों को दोषी ठहराया था और इसके प्रमुख सुब्रत रॉय को गिरफ्तार किया गया। हालांकि अब चार करोड़ लोगों के हजारों करोड़ों रुपए खतरे में पड़ते नजर आ रहे हैं, चूंकि सरकार ने इन सहकारी समितियों पर अंगुली उठाई है। इसमें साल 2010 में स्थापित हुई नई सहकारी समिति भी शामिल हैं।
द इंडियन एक्सप्रेस को मिली जानकारी के मुताबिक सरकार इन समितियों में अत्यधिक संदिग्ध अनियमितताओं की मामले की जांच करेगी जिससे जमाकर्ताओं की कड़ी मेहनत के पैसों पर गंभीर जोखिम बना हुआ है। रेगुलेटर्स ने बताया कि जमा किए धन में से 62,643 करोड़ रुपए महाराष्ट्र में लोनावाला में एंबी वैली प्रोजेक्ट में निवेश किए गए। ये यही प्रोजेक्ट है जिसपर साल 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी और जमाकर्ताओं के पैसा चुकाने के लिए इसकी नीलामी की कई नाकाम कोशिश के बाद इसे साल 2019 में रिलीज कर दिया गया।
सरकार अनियमितताओं के मामले में जिन चार समितियों की जांच करेगी उनमें सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (2010 में स्थापित), हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, सहारयन यूनिवर्सल मल्टीपरपज सोसायटी लिमिटेड और स्टार्स मल्टीपरपज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड शामिल हैं। द इंडियन एक्सप्रेस को मिली जानकारी के मुताबिक 18 अगस्त को कृषि मंत्रालय में संयुक्त सचिव विवेक अग्रवाल (जो कि सहकारी समितियों के केंद्रीय पंजीयक भी हैं) ने मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स (एमसीए) को सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) द्वारा सहारा समूह की जांच के लिए एक पत्र लिखा।