विवाहित पुत्र को अविवाहित बता कर करवाई शादी, ससुराल पक्ष के 5 लोगों पर धोखाधड़ी व साजिश रचने का केस दर्ज

  • विदेश भेजने के नाम पर हड़पे 20 लाख रुपये

यमुनानगर, 6 सितम्बर : विवाहित पुत्र को अविवाहित बता कर पुन: विवाह करने की साजिश रचने वाले ससुराल पक्ष के 5 लोगों पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। पीडि़ता ने न्याय की गुहार लगाते हुए इस संबंध में यमुनानगर पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल को शिकायत दी थी। एसपी का आदेश मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी ससुर सुरेंद्र सिंह, सास परमजीत कौर व चाचा ससुर हरि सिंह निवासीयान जठलाना और ननंद सिमरजीत कौर व ननदोई आशीष भाटिया निवासीयान यमुनानगर पर 420, 406 और 120बी के तहत थाना जठलाना में केस दर्ज किया है। आरोप है कि शादी के समय ससुराल पक्ष ने उसे व उसके पति गुरदेव सिंह को विदेश भेजने के लिए उसके बैंक खातों से 20 लाख रुपये अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करवाए थे। इतना ही नहीं, शादी के कुछ माह के भीतर ही उसके पति की रहस्यमयी परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। मगर ससुराल पक्ष उसके पति को न तो किसी अस्पताल में जांच के लिए ले गया और न ही उसके शव का पोस्टमार्टम करवाया। हालांकि विवाहिता ने इसके लिए परिवार के समक्ष काफी गुहार लगाई। यही नहीं, दवा देकर गर्भवती पीडि़ता के गर्भ को गिराने का भी प्रयास किया गया। एसपी के आदेश पर अब मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा जगाधरी को सौंपी गई है। जानकारी के अनुसार शाहाबाद मारकंडा निवासी पीडि़ता ने एसपी को दी अपनी शिकायत में बताया कि उसके ससुराल वालों ने साजिश रचते हुए अपने विवाहित पुत्र गुरदेव सिंह की शादी 19 जुलाई 2019 को उसके साथ करवाई, जिसे गोपनीय रखा गया। शादी से पहले उसकी ननद व ननदोई ने भी उसे आश्वासन दिया कि गुरदेव सिंह व तुम्हें पिछले 10 साल से यूके (विदेश) में रह रहे उसके जेठ गुरदयाल सिंह के पास भेज देंगे। इसके लिए लाखों रुपये खर्च होंगे। इस पर उसने अपने मायके का मकान बैंक के पास गिरवी रख कर लोन लिया और राशि ससुराल पक्ष के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी। शादी के बाद करीब 6 मास तक पीडि़ता अपने मायके ही रही, क्योंकि विदेश जाने की कार्रवाई चलती रही। मगर जनवरी 2020 में जब विदेश जाने के लिए लगाई गई फाईल नामंजूर हो गई, तो ससुराल पक्ष ने उन्हें मजबूर किया कि वें सार्वजनिक रूप से धूमधाम से शादी करें, ताकि रिश्तेदारों को बुलाया जा सकें। इस पर 20 जनवरी 2020 को गुरदेव सिंह बरात लेकर शाहाबाद आया और एक भव्य कार्यक्रम के आयोजन के बाद उसकी डोली ससुराल के लिए रवाना हुई।

  • 10 तोले सोने के आभूषण दिए थे विवाह में

पीडि़ता के अनुसार विवाह के समय 10 तोले सोने के आभूषण, करीब 3 लाख रुपये का फर्नीचर, 2 लाख रुपये के कपड़े, इलैक्ट्रोनिक सामान भी दहेज के रूप में दिया था। पीडि़ता के मुताबिक शादी के तुरंत बाद वह गर्भवती हो गई। मार्च 2020 में उसे पता चला कि उसके पति की पहले रजनी शर्मा नामक लडकी से लव एवं कोर्ट मैरिज हुई थी। इस बारे में जब उसने मायके वालों को बताने का प्रयास किया, तो ससुराल पक्ष ने उसे बताया कि रजनी शर्मा के साथ पंचायती स्तर तलाक हो चुका है और कोर्ट में फाईल भी लगाई गई है, जिसकी पेशी 19 जुलाई 2020 है। इसी दौरान उसके भाई शेर सिंह के घर शाहाबाद में पुत्र हुआ और वह अपनी भाभी व बच्चे को देखने के लिए 31 मार्च को शाहाबाद आ गई।

  • पति के शव का नहीं करवाया पोस्टमार्टम

पीडि़ता के अनुसार 13 अप्रैल को सुबह करीब 7 बजे उसके पास ससुराल से फोन आया कि गुरदेव सिंह की तबीयत खराब है, शीघ्र आ जाओ। इतना सुनते ही वह अपने माता-पिता और भाई को लेकर सुबह करीब 8:30 बजे अपने ससुराल जठलाना पहुंची, जहां गुरदेव सिंह के अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। पीडि़ता व उसके परिजनों ने गुरदेव सिंह का किसी चिकित्सक से चैकअप करवाने का जब आग्रह किया, तो ससुराल पक्ष ने उनकी एक नहीं सुनी। जब उन्होंने शव का पोस्टमार्टम करवाने की बात कही, तो ससुराल पक्ष ने पीडि़ता को एक कमरे में बंद कर दिया और आनन-फानन में बिना पोस्टमार्टम करवाएं गुरदेव सिंह का अंतिम संस्कार कर डाला। पीडि़ता के अनुसार गुरदेव सिंह की मृत्यु के कुछ दिन बाद वह अपने मायके आ गई। मगर थोड़े दिन में ही ससुराल पक्ष के लोग आए और उसे वापिस जठलाना ले गए। वहां ले जाकर एक दिन उसे बिना रैपर की गोली देकर उसका गर्भ गिराने का प्रयास किया। मगर चिकित्सा क्षेत्र से जड़ी होने के कारण उसने उस गोली का सेवन नहीं किया। इसके बाद वह खुद को असुरक्षित महसूस करते हुए अपने मायके शाहाबाद आ गई। पीडि़ता के अनुसार हद तो उस समय हो गई, जब ससुराल पक्ष के लोगों ने मिलीभगत कर उसके पति के बीमे का कलेम गुरदेव की पहली पत्नी रजनी शर्मा को दिलवा दिया। इसके बाद उसने अपने व अपने बच्चे के अधिकार व न्याय के लिए पुलिस अधीक्षक को गुहार लगाई।