- 5 अन्य आरोपी पहले ही किए जा चुके है गिरफतार, व्यापक पूछताछ के लिए आरोपी का 5 दिन के लिए पुलिस रिमांड हासिल
एसपी शशांक कुमार सावन ने बताया कि गांव सांघन वासी अमनदीप के ब्यान पर डेरा सांघन के बाबा रामभज दास की डड़ों से चोटे मारकर हत्या करके गाडी, नकदी व मोबाइल लूटने बारे थाना कलायत में मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए अभियोग की जांच सीेआईए-1 प्रभारी इंस्पेक्टर अनूप सिंह की टीम द्वारा कुलबीर वासी बेलरखा से व्यापक पूछताछ की गई। पुलिस जांच दौरान खुलाशा हुआ कि बाबा रामभज दास का पिछले एक साल से पुराना बाजार कैथल स्थित प्राचीन हनुमार मंदिर के वयोवृध 98 वर्षीय महंत राघव दास शास्त्री के पास आना-जाना था। बाबा छविदास भी मंहत राघव दास के पास आता था, जिसको महंत राघव दास शास्त्री के बाद गद्दी मिलनी थी। बाबा रामभज दास ने अजय मेहरा वासी रानियां रोड सिरसा हाल वासी नरवाना के साथ मिलकर योजना बनाई की तुम ऐसे आदमी लेकर आओ, जो बुजूर्ग मंहत की हत्या कर दें, जिसकी हत्या का ईल्जाम बाबा छविदास पर लगा देंगे। योजनानुसार बाबा छविदास के जेल जाने उपरांत बाबा रामभज दास का करीब 70/80 करोड़ रुपए की संपत्ती वाले प्राचीन मंदिर की गद्दी पर बैठने का रास्ता साफ हो जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बाबा द्वारा अजय मेहरा को इसके लिए 5 लाख रुपए देने का करार करते हुए 50 हजार रुपए नकदी पेशदी दी जा चुकी थी। दिनांक 24 जून की शाम को अजय मेहरा ने बाबा रामभज दास को कुलबीर की मार्फत खरक पांडवा नहर पटरी पर बुलाया, जहां अजय के अन्य साथी भी मौजूद थे। वहां बाबा व अजय की 50 हजार रुपए और एंडवास देने को लेकर तकरार हो गई, जिसके दौरान अजय व उसके 5 अन्य साथियों द्वारा सोनीपत से छीनी गई टाटा नैक्शन गाडी से ड़ंडे निकाल कर बाबा रामभज दास को गंभीर चोटेें मार दी, जिसको कुलबीर द्वारा उनके चंगुल से छुडवाने का प्रयास किया जिसके दौरान आरोपी बाबा की स्वीफट डिजायर गाडी, मोबाइल, कुलबीर का मोबाइल तथा पर्स छीनकर मौके से फरार हो गए। बाद में बाबा रामभज को जब कैथल के निजी अस्पताल से प्राथमिक उपचार उपरांत पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया जा रहा था, तो रास्ते में उसकी मौत हो गई।
एसपी ने बताया कि सीआईए-1 प्रभारी इंस्पेक्टर अनूप सिंह की अगुवाई में एसआई बिजेंद्र सिंह की टीम द्वारा उपरोक्त वारदात को अंजाम देने में लिप्त आरोपी गुरमीत निवासी खरक पांडवा तथा राजन निवासी नरवाना तथा इस मध्य उनको शरण देने वाले आरोपी अजय मेहरा के जीजा आरोपी अनिल वासी हिसार व विकाश उर्फ कुका वासी नरवाना तथा मंजीत उर्फ मन्नी वासी ढ़ाकल सहित 5 आरोपियों को गिरफतार किया जा चुका है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शातिर आरोपी अजय के खिलाफ लूटपाट, छीना-झपटी व चोरी शिर्षक के करीब 5 अन्य मामले हरियाणा के विभिन्न थानों में पहले ही दर्ज है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिला फतेहाबाद के थाना टोहाना पुलिस द्वारा आरोपी अजय 21 अगस्त को दिन-दहाड़े करीब 25 लाख रुपए लूटपाट की वारदात को अंजाम देने के बाद पीछा करते हुए काबु कर लिया गया था, परंतु उसके एक अन्य साथी ने पकड़े जाने के डर से खुद को गोली मार ली, जिस कारण उसकी मौत हो चुकी है। सीआईए-1 पुलिस की टीम आरोपी को साथ लेकर सोनीपत व यूपी में दबिश देने के लिए निकल चुकी है।