कैथल, 23 अगस्त (रवि गोयल/संजीव कौशिक) एसपी शशांक कुमार सावन के आदेशानुसार विदेश में सैटल करवाने का झांसा देकर धोखाधड़ी पूर्वक नकदी एंठने वाले जाली एजैंटो पर लगाम कसते हुए दो अलग-अलग मामलो में चीका पुलिस द्वारा 2 आरोपियों को गिरफतार कर लिया गया। एंठी गई नकदी कि बरामदगी सहित व्यापक पुछताछ के लिए दोनो आरोपियों का रविवार को न्यायालय से दिनांक 25 अगस्त तक 2 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन ने बताया कि रैन्कु निवासी डाठरत जिला जींद हाल निवासी चीका की शिकायत पर थाना चीका में दर्ज मामले अनुसार वह पिछले कई वर्षो से अपने जीजा अंग्रेज सिंह के पास चीका में रहता है, तथा उसके जीजा कि हैयर सैलून कि दुकान पर साथ में काम करता है। उनकी दुकान पर मनप्रीत उर्फ मन्ना व मलक उर्फ मीत दोनो निवासी दताल जिला पटियाला पंजाब आते जाते थे। एक दिन उपरोक्त दोनो व्यक्तियो ने उससे कहा कि वे उसे स्पेन (विदेश) भेज देते है । जहां उसको वर्क परमिट दिलवा देगे और उन्होने कहा कि वे काफी लडको को विदेश भेज चुके है और वर्क परमिट दिलवाया है जो वहा पर 80 हजार से 1 लाख रू प्रति महीना कमा रहे है । इस बारे उसने अपने जीजा अग्रेज सिंह से बात की तो उनकी दोनो व्यक्तियों के साथ स्पेन भेजने बारे 10 लाख रू मे बात तय हो गई। दिल्ली से फ्लाईट कि मार्फत 16 दिसंबर 2018 को उसे स्पेन की जगह अलजिरिया में भेज दिया गया। फिर वहां से उसे मोरक्को भेज दिया गया, जहां उसे भुखा प्यासा रखकर यातनाए दी गई। उपरोक्त दोनो आरोपियो ने उससे धोखाधडी पुर्वक 10 लाख रुपए एंठ लिये। मोरक्को से वापिस भारत आने पर वे दोनो आरोपियो के घर गए और पैसे वापिस मांगने लगे तो दोनो आरोपियों द्वारा उसे पैसे देने से इंकार कर दिया गया तथा उसे जान से मारने की धमकी देने लगे। एसपी ने बताया कि मामले की जांच थाना प्रबंधक चीका इंस्पेक्टर निर्मल सिंह की अगुवाई में एसआई चंदेश्वर द्वारा करते हुए आरोपी मलक उर्फ मीत निवासी सतराना जिला पटियाला पंजाब को गिरफतार कर लिया गया। आरोपी का रविवार को न्यायालय से एंठी गई नकदी की बरामदगी सहित व्यापक पुछताछ के लिए 2 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। एसपी ने बताया कि दुसरे मामले में सूबे सिंह निवासी थेह नेवल की शिकायत पर दर्ज मामले अनुसार वह 2015 में अपनी माता का पटियाला के एक हस्पताल में ईलाज करवा रहा था, उस दौरान उसकी मुलाकात सुनील निवासी मुक्तसर पंजाब के साथ हो गई, जिनका मुक्तसर में विदेश भेजने का आँफिस है। सूबे सिंह ने सुनील से कहा कि उसका बेटा 11वी कक्षा में पढता है, क्या उसे स्टडी विजा पर विदेश में भेज देंगे। उसने कहा कि 12वी कक्षा के बाद वे उसके बेटे को विदेश में भेज देंगे। दिसंबर 2017 में उसके बेटे ने 12वीं कक्षा पास कर ली तो उसकी उपरोक्त सुनिल के साथ उसके बेटे को पुर्तगाल में भेजने बाबत 9 लाख रुपए में बात तय हो गई। उसके बाद सुनिल उसके घर आया तथा उसके बेटे के सभी कागजात अपने साथ ले गया। विभिन्न प्रकार के खर्च बताकर उपरोक्त आरोपी सुनील तथा उसकी पत्नी सैफी रानी ने उससे 11 लाख रुपए जालसाजी द्वारा हडप लिये तथा ना ही उसके बेटे को पुर्तगाल भेजा। उसके बाद उसका ना कोई फोन आया तथा ना ही वे फोन उठाते तथा मुक्तसर में उनका विदेश भेजने वाला दफतर भी बंद मिला। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की जांच थाना चीका पुलिस के एएसआई बलजीत सिंह द्वारा करते हुए आरोपी सुनील निवासी पथाना जिला फतेहगढ साहिब पंजाब को गिरफतार कर लिया गया। आरोपी का रविवार को न्यायालय से एंठी गई नकदी की बरामदगी सहित व्यापक पुछताछ के लिए 2 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने नागरीकों को संदेश दिया कि विदेश जाने के ईच्छुक नवयुवक कबुतरबाजों के झांसे में न आकर अधिकृत एजैंटो की मार्फत ही विदेश जाने की प्रकिया अमल में लांए। उन्होंने चेतावनी दी कि युवकों को गलत तरीके से विदेश भेजने का धंधा करने वाले अपराधियों के साथ पुलिस कडाई के साथ निपट रही है, तथा एसे अपराधियों के खिलाफ कोई रियायत नहीं की जाएगी।
