बारवा में हमलावरों की गिरफ्तारी न होने को लेकर भडक़े पीडि़त परिवार


  • एस.पी. कार्यालय के समक्ष एस.पी. से लगाई न्याय की गुहार 
  • परिवार पर हमले के आरोपी 30 दिन बीत जाने के बाद भी गिरफ्त से बाहर
  • दर-दर की ठोकरे खा रहा है पीडि़त परिवार, आखिर कब मिलेगा न्याय 

कुरुक्षेत्र (संजीव बंसल) बारवा गांव में पाल समाज के एक परिवार पर हुए रात्रि को हमले के 30 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है तथा पीडि़त परिवार डर के साये में जी जा रहा है तथा हमलावर सरेआम घूम रहे हैं। जिसको लेकर पीडि़त परिवार व समाज के सैंकड़ों लोगों ने धरने देने को मजबूर हो रहे हैं। जिसको लेकर सोमवार को धरने पर बैठ गए तथा एस.पी. से न्याय की गुहार लगाने लगे। पीडि़त परिवार का कहना है दोषीगण उन्हें किसी झूठे केस में फंसाने की फिराक में है, जो समाज बिल्कुल सहन नहीं करेगा। धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि अगर जल्द सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो समाज के लोगों व अन्य सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि रात्रि को सोये हुए परिवार पर जानलेवा हमला करना गलत है। हमलावरों ने उन्हें मारने की मंशा से घर में घुसे और पीडि़त परिवार के सदस्यों को घायल कर दिया तथा महिलाओं के साथ अभद्र व्यहार किया। हमलावरों ने घर की लाइटें तक बंद कर दी ताकि आरोपियों को पहचान न सके। 30 दिन पहले बारवा के पाल समाज के एक परिवार पर हुए हमले का मामला अभी तक पुलिस सुलझा नहीं पाई। हर बार पीडि़त परिवार को केवल झूठा आश्वासन ही मिल रहा है। प्रशासन से पीडि़त परिवार को न्याय नहीं मिल पा रहा है। थक हारकर यह परिवार अब गांव से पलायन करने को मजबूर है। घटना के एक माह के बाद भी हमलावर पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। जिसको लेकर पाल समाज के लोगों में रोष है। हालांंकि थाना प्रभारी ने पीडि़त परिवार को आश्वासन दिया कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाए। थाना प्रभारी के आश्वासन के बाद दर्जनों संस्थाओं के प्रतिनिधि आगामी कार्रवाई न करने बार वापस धरना स्थल से उठ गए और थाना प्रभारी को कहा कि यदि आज शाम तक आरोपी गिरफ्तार न हुए तो पुन: धरना शुरू कर दिया जाएगा। धरने के दौरान पाल समाज के प्रधान सतपाल, उपप्रधान रमेश हथीरा, नफे ङ्क्षसह, रघुबीर पाल, पिछड़ा वर्ग महासभा के अध्यक्ष रामकुमार रंबा, पाल समाज के पूर्व प्रधान व एडवोकेट जीता राम पाल, जयसिंह, पवन, नरेश पाल, शमशेर पाल, सतीश, सतपाल, संदीप के अलावा सैंकड़ों पाल समाज के लोगों ने धरने पर बैठकर अपना रोष प्रकट किया। 
  • झूठे केस में फंसाने की रची जा रही है साजिश 
गांव बारवा के पीडि़त परिवार ने बताया कि आरोपी उन्हें पुलिस प्रशासन को झूठे शिकायत देकर उन्हें फंसाने की साजिश रच रहा है ताकि पीडि़त परिवार के सदस्यों को फंसाया जाए। दोषीगण की मंशा झूठी शिकायत देकर केस को रफा-दफा करने की है तथा दोषीगण उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि गलत आरोप लगाकर किसी भी केस में विरोधी पार्टी पीडि़त परिवार को फंसा सकती है। पहले भी आरोपियों ने कई बार हमले किए हंै। इन हमलों की सी.सी.टी. कैमरों में कैद हुई तस्वीरे भी पुलिस प्रशासन को दी गई। जिसमें आरोपी सरेआम उनके परिवार पर हमला कर रहे हंै। घर के आंगन में खड़ी मोटर साईकिले दरवाजों व खिड़कियों के शीशे व अन्य कीमती सामान तोड़ दिया है।  
  • बैखोफ होकर घुम रहे हैं आरोपी, पीडि़त परिवार को है जान का खतरा 
जानलेवा हमला करने वाले आरोपियों आज तक बेखौफ घूम रहे हैं। घटना के 30 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी पुलिस की आंखों में धुल झोंक रहे हैं तथा खुलेआम घूम रहे हैं। ऐसे में हमलावरों के हौंसले बुलंद है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पाल समाज के सैंकड़ों लोगों में रोष है। पीडि़त परिवार न्याय को लेकर दर-दर की ठोंकरे खा रहा है। वहीं ब्लाक कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मेहर ङ्क्षसह रामगढ़, पाल समाज के वरिष्ठ नेता जीता रामपाल, हरियाणा पिछड़ा वर्ग महासभा के अध्यक्ष रामकुमार रम्बा ने पुलिस प्रशासन से स्पष्ट कहा कि यदि आरोपियों को पुलिस गिरफ्त में न लिया तो शहर की दर्जनों संस्थाओं के साथ मिलकर आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। जिसकी पूर्ण जिम्मेवारी पुलिस प्रशासन की होगी। घटना के चलते पीडि़त परिवार डर के साये में जी रहा है।  पीडि़त परिवार का कहना है की परिवार पर 4 बार हमला हुआ जिसकी फुटेज पुलिस को दी गई। मौके पर पुलिस भी आई किन्तु कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति के सिवाए कुछ नहीं किया गया। अगर पुलिस प्रशासन सही समय पर कार्रवाई करती तो आज यह स्थिति नहीं होती। धरने पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुलिस इस मामले के सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करना चाहिए। ताकि परिवार के लोग सुरिक्षत रह सके। अगर इस दौरान पीडि़त परिवार पर कोई हमला होता है तो उसकी पूर्ण जिम्मेवारी दोषीगण व पुलिस प्रशासन की होगी। 
  • 8 माह की बच्ची ने भीषण गर्मी में दिया धरना
लगभग 1 माह होने को आया है आरोपी खुलेआम पुलिस की छत्रछाया में घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार अपनी बेबसी को लेकर अपनी जान बचाने के लिए व न्याय के लिए धरना दे रहा है। हैरतअंगेज बात ये है कि इस धरने में पीडि़त परिवार के शमशेर पाल की 8 महीने की नन्ही बच्ची अपनी मां की गोद में अपने परिवार को निहार रही है शायद वह ये सोच रही हे की क्या इसलिए ही उसने इस दुनिया में जन्म लिया जहां बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं का नारा दिया जाता है। लेकिन हमलावरों के कारण आज बेटियां सुरक्षित नहीं है। परिवार के सदस्य शमशेर पाल,जिले ङ्क्षसह सहित महिलाएं जिला पुलिस प्रशासन ने बार-बार अपना दर्द बयां कर चुके हैं किन्तु पुलिस इस मामले में मात्र 3 आरोपियों को पकड़ अपना कर्तव्य पूरा समझ रही है। शायद वह इस इंतजार में है कि दूसरी घटना होने के बाद अन्य आरोपियों को पकड़ लेंगे। इस घटना को लेकर विभिन्न राजनैतिक समाजिक लोगों व दर्जनों पत्रकारों ने इस घटना की निन्दा की है।

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