शास्त्रों के अनुसार हर व्यक्ति को जीवन में अवश्य लगानी चाहिए त्रिवेणी: सरपंच सुषमा रानी



करनाल, 11 जुलाई ( तिलक राज बंसल )समाधानांचल की राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट संतोष यादव द्वारा चलाए जा रहे त्रिवेणी लगाने के पुण्य कार्य को आगे बढ़ाते हुए आज गांव समौरा एवं गांव गुढ़ीगुजरान के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में तीन-तीन त्रिवेणियां रोपित की गई। आज की 413वीं त्रिवेणी गांव समौरा की सरपंच सुषमा रानी एवं गांव गढ़ीगुजरान की सरपंच नीलम रानी के सहयोग से लगाई गई और ग्रामीणों को पर्यावरण बचाने का संदेश दिया गया। 
            इस अवसर पर सरपंच ग्राम पंचायत समौरा श्रीमती सुषमा रानी एवं सरपंच गढ़ीगुजरान श्रीमती नीलम रानी ने कहा कि शास्त्रों के अनुसार हर व्यक्ति को अपने जीवन में त्रिवेणी अवश्य लगानी चाहिए। शास्त्रों में त्रिवेणी को सुख, शांति, समृद्धि का आधार माना गया है। यह मन को शांत और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है। उन्होंने कहा कि यदि हम त्रिवेणी को ईश्वर का दूसरा रूप भी कहें तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। भारतीय संस्कृति में भी त्रिवेणी लगाना पुण्यदायी माना गया है। शास्त्रों में भी त्रिवेणी लगाने को सौ गायों का दान देने के सामान माना गया है।  
            इस मौके पर बड़, नीम और पीपल (त्रिवेणी) के रोपित करते हुए ग्राम सचिव नवीन गोयत ने कहा कि त्रिवेणी हमें प्राकृतिक शक्तियों के नजदीक ले जाती हैं। समाजसेवा के क्षेत्र में समाधानांचल द्वारा लगाई जा रही ये त्रिवेणियां बड़ी होकर भविष्य में प्रकृति की पहरेदार बनेगी। उन्होंने कहा कि बादलों को हर साल बुलाकर वर्षा लाने में सहायक होती है ये त्रिवेणियां। उन्होंने कहा कि हर वो इंसान जो श्रद्धाभाव एवं अध्यात्मिक भाव से त्रिवेणी को लगाता व लगवाता है या इसका पालन-पोषण करता है उसका कोई भी सात्विक कर्म विफल नहीं होता। उन्होंने कहा कि त्रिवेणी लगाने से एक मानसिक सुख की अनुभूति महसूस होती है।  
            समाधानांचल के संरक्षक डा. एस.के. सिंघल ने भी इस अवसर पर कहा कि त्रिवेणी एक साधारण वृक्ष न होकर इसका अध्यात्मिक महत्व है। त्रिवेणी को शास्त्रों में स्थाई यज्ञ की संज्ञा दी गई है। जहां त्रिवेणी लगी होती है वहां हर पल हर क्षण सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह चलता रहता है। उन्होंने कहा कि त्रिवेणी हमे हमारी संस्कृति से जुडऩे का संदेश देती हैं। त्रिवेणी प्राणियो में प्राणो का संचार करती हैं और जब तक पृथ्वी पर प्राकृतिक संतुलन बिगड़ता है तब तब  त्रिवेणी अपनी अहम भूमिका अदा करती है। 
            इस अवसर पर सरपंच सुषमा रानी के पति धर्मबीर, नवीन, बलजीत, राजेश पंडित, देवराज, श्रवण, राव अमन  सहित संस्था के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
  • सभी खबरें सबसे पहले देखने के लिए देखें : www.samaykitaqat.com 
  •  समाचार भेजने के लिए सम्पर्क करें : email : samaykitaqat@gmail.com 
  •  पत्रकारिता के इच्छुक व्यक्ति सम्पर्क करें : +91-9416541457 
  •  विज्ञापन, लेख व समाचार देने के लिए सम्पर्क करें : +91-9416541475