पिहोवा 17 जुलाई (जसविन्द्र सिंह राज /वजीर सिंह) हरियाणा के खेल एवं युवा मामले मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि खेलों के क्षेत्र में प्रदेश का नाम पूरी दुनिया में जाना जाता है। इसलिए खिलाडिय़ों को ओलम्पिक खेलों के लिए अपने आपको तैयार करना होगा। इसके लिए खिलाड़ी नियमित रुप से कोविड-19 के नियमों को जहन में रखते हुए जमकर अभ्यास करे।
खेलमंत्री संदीप सिंह ने बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी अपने आपको ओलम्पिक के लिए तैयार कर ले और जमकर अभ्यास करना शुरु कर दें ताकि अपनी योग्यता के आधार पर ओलम्पिक चयनित हो सके। सभी खिलाड़ी ओलम्पिक की तैयारी के दौरान कोविड-19 की गाईडलाईंस के अनुसार सोशल डिस्टैंस को जहन में रखेंगे, मास्क का प्रयोग करेंगे और हाथों को बार-बार साबुन से धोने के साथ-साथ सेनिटाईज का भी प्रयोग करेंगे। प्रदेश के खिलाड़ी देश की धरोहर है, इसलिए खिलाडिय़ों की सुरक्षा प्रथम कर्तव्य है।
खेलमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से ओलम्पिक खेलों में पदक हासिल करने वालों के लिए करोड़ों रुपए की राशि पदक अनुसार तय की है। सरकार की खेल नीति के अनुसार ओलम्पिक में गोल्ड पदक जितने पर 6 करोड़ रुपए, सिल्वर पदक जीतने पर 4 करोड़ रुपए, कांस्य पदक जितने पर ढाई करोड़ रुपए और भागीदारी पर 15 लाख रुपए की राशि तय की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान विभाग के साथ जुड़े स्वयं सेवकों को देखते हुए आने वाले 4 सालों में प्रत्येक गांव यूथ क्लब खोलने का भी निर्णय लिया है। इन क्लबों के माध्यम से आमजन खासकर युवा वर्ग को जागरुक किया जाएगा, यह कार्य करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य बन जाएगा।
उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आह्वान पर वालंटियर्स कार्यक्रम के तहत 89424 स्वयंसेवकों ने पंजीकरण करवाया जिनमें स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं के निवारण के लिए 1361 डाक्टर, 1172 नर्सें, 3003 पैरामैडिकल तथा 237 टेलीकंसलटेंट शामिल हैं। प्रदेश में वालंटियर्स द्वारा किये गये कार्यों को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सराहना की गई है। उन्होंने कहा कि रबी की फसलों की खरीद में भी इन वालंटियर्स की मदद ली गई। इसके अलावा प्रदेश के खेल परिसरों को सैनेटाइज करवा कर खरीद केंद्र के रूप में प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 336 खेल नर्सरियां चलाई जा रहीं हैं जिनमें राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि हासिल करने वाले योग्य खिलाडियों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रत्येक नर्सरी में 8-14 वर्ष तथा 15-19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाता है। अनलॉक-1 तथा 2 के दौरान केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का अनुसरण करते हुए प्रदेश के खेल परिसरों में एक समय पर 8 से 10 खिलाडिय़ों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग, सैनेटाइजेशन तथा फेस मास्क पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि खेल एवं युवा मामले विभाग द्वारा खिलाडियों के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं हेतु ऑनलाइन आवेदन करने के लिए वेब पोर्टल बनाया जा रहा है। इससे खिलाड़ी स्कॉलरशिप, स्टाइपैंड तथा कैश अवार्ड के लिए भी आवेदन कर सकेंगे। इस पोर्टल के माध्यम से टूर्नामेंट मैनेजमेंट सिस्टम, रिसोर्स मैपिंग सिस्टम, इन्वेंटरी मैनेजमेंट सिस्टम जैसी अनेक सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी। प्रदेश में लॉकडाउन के दौरान खिलाडियों को व्हाट्सएप, फेसबुक तथा यू-टयूब के माध्यम से उनकी कमजोरियों के सुधार के लिए प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत हरियाणा ने हमेशा अच्छा प्रर्दशन किया है। वर्ष 2017 मेें प्रदेश ओवरआल चैम्पियन तथा वर्ष 2018 व 2019 में द्वितीय स्थान पर रहा और आशा है कि प्रदेश खेलों में आगे भी अपना बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखेगा।- सभी खबरें सबसे पहले देखने के लिए देखें : www.samaykitaqat.com
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