कोरोना वैक्सीन के परीक्षण की सुखद खबर सामने आई


पंचकूला,17जुलाई (वासु के मेहता) कोरोना के बढते प्रकोप के बीच एक सुखद खबर आ रही है।जो हरियाणा से है। बस प्रयास कामयाब हो तो बच जायेगी कितनी ही जाने।देशभर में कोरोना के इलाज के लिए वैक्सीन तैयार करने की दौड़ में मेडिकल लाइन की कंपनियां जुटी हुई है। वहीं हरियाणा के रोहतक पीजीआई से भी कोरोना वैक्सीन के परीक्षण की सुखद खबर सामने आई है। गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने ट्टवीट कर बताया कि तीन लोगों पर कोरोना वैक्सीन की परीक्षण किया गया है, तीनों के स्वास्थ्य पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ा है।
              कोरोना वैक्सीन ट्रायल की जानकारी खुद हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने ट्वीट कर दी है। उन्होंने लिखा कि भारत बायोटेक के कोरोना वैक्सीन के साथ मानव परीक्षण आज पीजीआइ रोहतक में शुरू हुआ। आज तीन लोगों पर इसे जांचा गया। सभी ने वैक्सीन को बहुत अच्छी तरह से सहन किया है। कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा।
            इस कोरोना वेकसीन को हैदराबाद की फार्मा कंपनी भारत बायोटेक ने तैयार किया है, इसके लिए डीजीसीआई ने पहले ही मानव परीक्षण की मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद कई स्थानों पर इसका परीक्षण होना है। हरियाणा के रोहतक पीजीआई में इसका परीक्षण किया जा रहा है, जिसमें तीन लोगों पर इस दवा का परीक्षण किया गया जिससे उन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा।
           पीजीआई में डॉ. सविता ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कोरोना वेक्सीन के टीके को पीजी आई एम एस में ट्रायल के रुप में प्रयोग किया जा रहा है। इसमें वो जांच के लिए प्रिंसिपल इेवेस्टिगेटर बनाया गया है, वहीं डॉ. ध्रुव चौधऱी और डॉ. रमेश वर्मा को को- इंवेस्टिगेटर बनाया गया है। उन्होंने बताया कि जानवरों पर इसका ट्रायल किया गया था, जो कि सफल हुआ है, वहीं अब धीरे धीरे लोगों पर इसका ट्रायल किया जा रहा है। इस दवा का रिजल्ट आने में एक साल तक का समय लग सकता है, अगर बीच में अच्छे रिजल्ट आते हैं, तो दवा को ट्रायल के बीच में ही आम लोगों के लिए लाया जा सकता है।
          पीजी आई एम एस रोहतक के वीसी डॉ. ओपी कालरा ने बताया कि यह ट्रायल 2 चरणों में होना है। पहले चरण में 375 व दूसरे चरण में 750 वॉलिंटियर्स को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा की हमें खुशी है की इस ट्रायल के लिए रोहतक पीजीआइएमएस को चुना गया है।
          भारत बायोटैक कंपनी की इस वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल के लिए देश के कई संस्थानों को चुना गया है। इसमें दिल्ली व पटना एम्स, रोहतक पीजीआई, राणा अस्पताल गोरखपुर, प्रखर अस्पताल कानपुर, गिल्लुकर मल्टीस्पेशिएलिटी अस्पताल नागपुर, राधेकर अस्पताल गोवा, एसयूएम अस्पताल ओडिशा, किंग जार्ज अस्पताल विशाखापटनम, जीवन रेखा अस्पताल बेलगाम, एसआरएम अस्पताल चैन्नई और निम्स अस्पताल हैदराबाद को शामिल किया गया है।
         इस वैक्सीन का दो चरणों में ट्रायल किया जाएगा। जिसमें पहले चरण में 18 से लेकर 55 साल तक की उम्र के वॉलेंटियर्स को शामिल किया जा रहा है, जबकि दूसरे फेज में 12 से 65 साल तक के वॉलेंटियर्स को शामिल किया जाएगा। देश में होने वाले इन दो चरणों के लिए पहले चरण में 375 और दूसरे चरण में 750 वॉलेंटियर पर परीक्षण किया जाएगा।
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