प्रदेश में युवाओं के साथ खिलवाड़ करने की साज़िश रची जा रही है : चन्द्र मोहन


पचकुलां 8 जुलाई (वासु के मेहता) हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री चन्द्र मोहन ने भारतीय जनता पार्टी और जननायक जनता पार्टी गठबंधन  सरकार द्वारा प्रदेश में हरियाणा राज्य स्थानीय उम्मीदवारों को रोजगार , अध्यादेश  2020  पास करने के निर्णय को ढकोसला और युवाओं के साथ छलावे की संज्ञा देते हुए कहा कि प्रदेश के युवाओं के साथ खिलवाड़ करने की साज़िश रची जा रही है। ‌‌ ‌‌ ‌                               
                 चन्द्र मोहन ने कहा कि इस अध्यादेश के माध्यम से प्रदेश के युवाओं के लिए 75 प्रतिशत नौकरियां  प्राईवेट कम्पिनियों, सोसायटी ,ट्रस्ट और पार्टनरशिप और फर्मो में  ,जिनका वेतन 50 हजार रुपए मासिक से कम होगा। वह इसकी परिधि में आयेंगे।  इससे भद्दा मजाक इन युवाओं के लिए क्या हो सकता है। उन्होंने पूछा कि क्या यह वही जननायक जनता पार्टी है, जिसने चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी द्वारा बिजली विभाग में 80 इंजीनियरों में से 78 इंजीनियर दूसरे प्रदेश के थे , केवल 2 उम्मीदवार ही हरियाणा से सम्बन्धित हैं।उन्होंने उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को याद दिलाया कि वोट लेने के लिए , चयनित उम्मीदवारों का गला फाड़कर विरोध करते थे और आरोप लगाते थे अधिकारी गुजरात प्रदेश के लगेंगे और चपड़ासी हरियाणा के, और इस युवा विरोधी फैसला लेने में सरकार का साथ देने वाले दुष्यंत ने अब सता के लालच में मौन व्रत धारण कर लिया है।          ‌                     चन्द्र मोहन ने कटाक्ष करते हुए कहा कि इस फैसले से साबित होता है कि केवल अदक्ष लोगों पर ही यह निर्णय लागू होगा। इस निर्णय से बहुराष्ट्रीय कंपनियों को अछूता रखा गया है। इसके अतिरिक्त दक्षता और तकनीकी क्षेत्र में पारंगत  कर्मचारियों को की आड़ लेकर भी युवाओं के साथ धोखा देने का प्रयास किया गया है।उन्होंने कहा कि दुष्यंत अगर वास्तव में हरियाणा के युवाओं के हितैषी होते तो वह सबसे पहले  सरकारी नौकरियों में कम से कम 75 प्रतिशत नौकरियां हरियाणा प्रदेश के युवाओं के लिए आरक्षित करने का दबाव बनाते। उन्होंने कहा कि अब भी हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा राजपत्रित नौकरियां, प्रदेश के बाहरी युवाओं को दी जा रही हैं। इसका कोई विरोध नहीं किया जा रहा है। प्रदेश में  जजपा ने भाजपा  की उस नीति पर अप्रत्यक्ष रूप से मोहर लगा दी है कि 50 हजार रुपए मासिक से अधिक वेतन लेने वाले में हरियाणा प्रदेश के युवा इतने सक्षम नहीं हैं । इस लिए 50 हजार  मासिक से अधिक वाली  नौकरियों पर हरियाणा के युवाओं का कोई अधिकार नहीं है। चन्द्र मोहन ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मांग की है कि इस निर्णय को तुरंत वापिस लेकर इसमें संशोधन किया जाए कि हरियाणा प्रदेश में  सभी सरकारी और गैर सरकारी नौकरियों में 75 प्रतिशत नौकरियां चाहे, कितना भी वेतनमान हो, आरक्षित रखी जांए ताकि भाजपा -जजपा द्वारा प्रदेश के युवाओं से किया गया वायदा पूरा हो सके। उन्होंने कहा कि इसकी सम्भावना खट्टर सरकार के रहते हुए कम ही है , क्योंकि हरियाणा प्रदेश में अधिकतर निर्णय भाजपा पार्टी हाईकमान के निर्देश पर लिए जाते हैं। इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं है।   
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