बागवानी क्षेत्र में किसानों की आयु दोगुणी करने के लिए बागवानी विकास मिशन के तहत प्रदान की जाती है अनुदान राशि : उपायुक्त सुजान सिंह

कैथल (रवि गोयल) उपायुक्त सुजान सिंह ने बताया कि हरियाणा सरकार किसानों की बागवानी क्षेत्र में आयु दोगुणी करने के लिए बागवानी विकास मिशन के तहत अनुदान सुविधाएं प्रदान कर रही है। किसान पारम्परिक खेती के स्थान पर फल, सब्जी व औषधीय पौधों की खेती अपनाकर अपनी आमदनी को बढ़ा सकते हैं। घटती जोत के साथ खेती की उन्नत तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता है तथा सरकार द्वारा भी किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।  इस योजना का लाभ किसान पहले आओ-पहले पाओ की पद्धति पर प्राप्त कर सकता है।  
            उपायुक्त सुजान सिंह ने बताया कि सरकार द्वारा किसानों को नए बाग लगाने पर अनुदान राशि प्रदान की जाती है। आम, बेर, अमरूद, नींबू के नए बाग लगाने पर 4 हैक्टेयर तक किसान को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। बागों के रख-रखाव के तहत 75 प्रतिशत पौधे जिंदा होने की स्थिति में प्रथम वर्ष 20 प्रतिशत तथा 90 प्रतिशत पौधे जिंदा होने की स्थिति में द्वितीय वर्ष 20 प्रतिशत अनुदान राशि प्रदान की जाती है। आम तथा बेर के पुराने बागों का जीर्णोद्धार के लिए प्रति लाभार्थी को अधिकतम 2 हैक्टेयर क्षेत्र के लिए 50 प्रतिशत अनुदान राशि प्रदान की जाती है। बागों के लिए सामुदायिक तालाबों के निर्माण के अंतर्गत 10 हैक्टैयर क्षेत्र को सिंचित करने की क्षमता वाले तालाब के लिए 100 प्रतिशत अनुदान राशि प्रदान की जाती है। किसानों को हाईब्रिड सब्जियों पर 40 प्रतिशत अनुदान राशि दी जाती है। एक किसान एक हैक्टेयर तक अनुदान प्राप्त कर सकता है तथा अनुदान के रूप में 20 हजार रुपए की राशि प्रति हैक्टेयर दी जाती है। ओपन पोलाईंटिड सब्जियों के उत्पादन हेतू 35 प्रतिशत अनुदान राशि दी जाती है। एक किसान अनुदान के रूप में 12 हजार 250 रुपए की राशि प्रति हेक्टेयर प्राप्त कर सकता है। मशरूम (उत्पादन, कम्पोस्ट, मेकिंग, स्पॉन यूनिट) के लिए प्रोजेक्ट आधार पर 40 प्रतिशत का अनुदान प्रदान किया जाता है। फूलों की खेती (गेंदा, ग्लैडियोलस, रजनीगंधा)पर एक किसान को दो हेक्टेयर तक 25 से 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।
            उपायुक्त ने बताया कि सरकार द्वारा मसालों की खेती (लहसून, हल्दी, अदरक)को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रति किसान एक हैक्टेयर क्षेत्र के लिए 40 प्रतिशत अनुदान राशि दी जाती है। बागो के लिए आईपीएम तथा आईएनएम का प्रोमोशन के लिए प्रति लाभार्थी 4 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए लागत का 30 प्रतिशत तथा प्रति हेक्टेयर अधिकत्तम 1200 रुपए प्रदान किए जाते हैं। मधुमक्खी पालन द्वारा पराग-कण को बढ़ाने के लिए एक लाभार्थी को 50 बक्सों पर 40 प्रतिशत अनुदान तथा 50 कॉलोनी पर अधिकतम 80 हजार रुपए प्रावधान है। संरक्षित खेती के लिए प्रति किसान अधिकत्तम 0.4 हैक्टेयर हेतू 50 प्रतिशत अनुदान राशि प्रदान की जाती है। कोल्ड स्टोरेज, राईपनिंग चैम्बर्स, प्रोसैसिंग यूनिट, रैफरिजरेटिड वैन पर 35 से 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान करने का प्रावधान है। बागवानी उपकरण (छोटो ट्रैक्टर, पॉवर टिल्लर, स्प्रे पंप, लाईट टै्रप) पर 25 से 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाता है। प्याज स्टोरेज व मोबाईल वैंडिंग कार्ट पर अधिकत्तम 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाता है। इस योजना के तहत बागवानी गांव को प्राथमिकता दी जाएगी। विभाग की स्वीकृति  उपरांत ही संबंधित कार्य करना शुरू करें। लाभार्थी को अनुदान राशि की अदायगी 222.द्धशह्म्ह्लठ्ठद्गह्ल.द्दश1.द्बठ्ठ के माध्यम से सीधे ही आधार कार्ड से जुड़े हुए बैंक खातों में भेजी जाएगी। इच्छुक प्रार्थी अधिक जानकारी के लिए जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में संपर्क कर सकता है।
  • सभी खबरें सबसे पहले देखने के लिए देखें : www.samaykitaqat.com 
  •  समाचार भेजने के लिए सम्पर्क करें : email : samaykitaqat@gmail.com 
  •  पत्रकारिता के इच्छुक व्यक्ति सम्पर्क करें : +91-9416541457 
  •  विज्ञापन, लेख व समाचार देने के लिए सम्पर्क करें : +91-9416541475