अगर पानी से कोरोना नही फैलता तो लगभग 4 महीनें से ब्रह्मसरोवर तट आम नागरिक के लिए बंद क्यों रखा गया : पवन गर्ग


कुरुक्षेत्र  (संजीव बंसलमहामंत्री हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी व समन्वयक जिला कांग्रेस कमेटी कुरुक्षेत्र के पवन गर्ग ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार के बारे में समझ पाना बहुत कठिन हो रहा है। घड़ी की सूईयों के तरह पल-2 में इनके निर्णय, स्वर व अंदाज बदलते रहते है।
            गर्ग ने हाल ही में हुए सूर्यग्रहण मेले व अनुष्ठान के बारे में बताते हुए कहा कि इस मेले को लेकर सरकार द्वारा अनेक बातें बोली गई। मेला लगेगा, कुछ समय बाद नही लगेगा और फिर अनुष्ठान होगा इत्यादि।
            अभी 4-5 दिन पहले ही पता चला कि कुरुक्षेत्र के विधायक सुभाष सुधा कोरोना पॉजीटिव पाये गये है। गर्ग ने कहा कि हम परमपिता परमात्मा से प्रार्थना करते है कि विधायक साहब जल्द से जल्द स्वस्थ हो जायें और घर वापसी करें। गर्ग ने कहा कि सूर्यग्रहण मेले के दिन विधायक सुधा ने ब्रह्मसरोवर के तट पर डूबकी लगाई थी। गर्ग ने सरकार से अनुरोध किया कि उस दिन सूर्यग्रहण मेले में जितने भी संतगण, पुरोहित, दूसरे प्रदेश से आये पुरोहित, संत व महात्मा, ड्यूटी पर कार्य कर रहे अधिकारीगण, सांसद महोदय और पत्रकार बंधुओ का कोरोना टैस्ट अवश्य होना चाहिए।
            गर्ग ने सीएमओ की स्टेटमेंट पर चर्चा करते हुए कहा कि सीएमओ ने कहा कि पानी से क्या होता है। कोरोना पानी से नही फैलता। इस विषय पर महामंत्री ने सरकार से पूछा कि अगर कोरोना पानी से नही फैलता तो ब्रह्मसरोवर तट आम जन के लिए बंद क्यों किया गया? सूर्यग्रहण मेले में सिर्फ वी.आई.पी. लोगो को अनुमति क्यों प्रदान की गई? गर्ग ने कहा कि अगर सरकार को जनता की आस्था का ध्यान होता तो सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करवाते हुए कुरुक्षेत्र वासियों को ही ब्रह्मसरोवर तट पर नहाने की अनुमति दी जानी चाहिए थी, मगर सरकार ने ऐसा नहीं किया।
            गर्ग ने कहा कि सरकार द्वारा श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। वी.आई.पी. लोगों के लिए ब्रह्मसरोवर तट खुला और आम जन के लिए बंद कर दिया गया। लोगो की आस्था पर राजनीति का ग्रहण लगाया जा रहा है । अगर पानी से कोरोना नही फैलता तो लगभग 4 महीनें से ब्रह्मसरोवर तट आम नागरिक के लिए बंद क्यों रखा गया ?
            गर्ग ने कहा कि कई महीनों से बंद पड़े धार्मिक संस्थानों की सही प्रकार से देखरेख नही की गई। सन्निहित सरोवर में गंदगी देखने को मिलती हैं।
            गर्ग ने कहा कि राजनीति के शिखर पर पहुंचा हुआ व्यक्ति जनता से ऊपर नहीं होता ।सभी राजनीतिक व्यक्ति जनता के प्रतिनिधि होते हैं लेकिन इन प्रतिनिधियों ने जनता का अपमान किया  व धोखा दिया ।सूर्य ग्रहण मेले के दिन कर्फ्यू लगाकर जनता को घरों में बंद कर दिया और खुद सरोवर में डुबकी लगाने के लिए चले आए।  ऐसी षड्यंत्रकारी सोच रखने की वजह से ये प्रतिनिधि कहलाने के लायक नहीं है ।सूर्यग्रहण मेले में अगर अनुष्ठान करना ही था तो यह अनुष्ठान केवल साधु संतों द्वारा ही किया जा सकता था । किसी भी राजनीतिक पार्टी के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं थी।
            गर्ग ने घटिया सोच रखने वाली सरकार से पूछा कि क्या ऐसा कहीं लिखा हुआ है कि सरकार से जुड़े व्यक्तियों को कोरोना नहीं हो सकता। सूर्यग्रहण मेले के अनुष्ठान में भाग लेने के लिए सरकार ने अपने चुनिंदा लोगों को ही अनुमति प्रदान की। नतीजा आपके सामने हैं जनता के साथ धोखा करने पर यही अंजाम होता है।
            गर्ग ने सरकार से अपील की कि सभी धार्मिक संस्थानो को आम जन के लिए सही तरीके से खोला जायें और सभी धार्मिक संस्थानों को सैनिटाईज भी करवाया जायें। ब्रह्मसरोवर के जल को शुद्ध करवाने के लिए उचित प्रबंध करवायें जाएं। सूर्यग्रहण मेले के समय जो भी मौजूद व्यक्ति थे उनकी सूची बनाकर उन्हें क्वारंटीन करें।
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