पार्षदों की गुटबाजी खुलकर आई जनता के सामने, तीन गुटों में बंटी नगरपालिका के 17 पार्षद, उपाध्यक्ष कंवलजीत प्रिंस ने अपने पद से दिया इस्तीफा


घरौंडा (प्रवीण कौशिक) शहर की सरकार के लिए पार्षदों की सर्वसम्मति एक बार फिर टूटने की ओर बढ़ रही है। नगरपालिका के 17 पार्षद तीन गुटों में बंट चुके है। वही पूर्व में हुए करार के अनुसार नपा उपाध्यक्ष कंवलजीत के इस्तीफे से पार्षदों की गुटबाजी खुलकर सामने भी आ चुकी है। अमरीक सिंह को अध्यक्ष बनाने वाला तेरह पार्षदों का ग्रुप अब दो फाड़ हो चुका है। अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के इस्तीफों को लेकर दोनों गुट एक दुसरे पर वादा खिलाफी के आरोप लगा रहे है। पार्षदों के बीच उत्पन्न हुए टकराव का असर शहर में चल रहे विकास कार्यो पर पडऩे की आशंका है।
            मंगलवार को नगरपालिका के वाईस चेयरमैन कंवलजीत अपना त्यागपत्र करनाल उपायुक्त कार्यालय में सौंप दिया। इस दौरान उनके साथ पार्षद रामसिंह नेहरा, ओंकार शर्मा, विक्रमजीत, सुनील पाल, विकास शर्मा, पार्षद प्रतिनिधि कुलदीप राणा व अनिल कुमार मौजूद रहे। त्यागपत्र देने के बाद कंवलजीत ने एक बार फिर अध्यक्ष अमरीक सिंह पर कसम तोडऩे व वादा खिलाफी करने के आरोप लगाए। कंवलजीत ने कहा कि अध्यक्ष पद संभालने से पहले अमरीक सिंह व साथी पार्षदों ने नगर खेड़े पर वार्ड दस के पार्षद रामसिंह नेहरा को उपाध्यक्ष बनाने की कसम ली थी। पूर्व उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि अब ये लोग अपने वादे से मुकर रहे है। करार के मुताबिक अमरीक सिंह को अपने पद से त्यागपत्र देकर अध्यक्ष की कुर्सी वार्ड सोलह की पार्षद प्रोमिला देवी को सौंपनी थी। कुर्सी की लालसा में पार्षदों के बीच शुरू हुई खींचतान से बंद कमरों में हुए नैतिक अनैतिक जोड़तोड़ जनता के सामने खुलने लगे है।
  • तीन वर्षो में बिगड़ गया भाजपा समर्थित सदन का तालमेल
शहर के 17 वार्डो से जीतकर कर आये पार्षदों ने अगस्त 2016 में भाजपा के झंडे तले सर्वसम्मति घोषित करते हुए वार्ड चार के पार्षद सुभाष गुप्ता को अध्यक्ष चुना था। लेकिन भाजपा समर्थित इस सदन का तालमेल तीन वर्षो में ही बिगड़ गया और तेरह पार्षदों ने सुभाष गुप्ता के खिलाफ बगावत कर दी थी। ब्लैंक चैको और धार्मिक कसमो में बंधे तेरह पार्षदों ने पूर्व की सर्वसम्मति को तोड़ते हुए फरवरी 2019 अध्यक्ष को कुर्सी से गिरा दिया। भाजपा नेताओ के दबाव में एक बार फिर पार्षदों में सर्वसम्मति होने के दावा किया गया और अमरीक सिंह अध्यक्ष चुने गए। दिलचस्प बात यह है कि पार्षदों की सर्वसम्मति बनाने और तोडऩे में भाजपा नेताओं की ही भूमिका रही। पार्षद प्रतिनिधि कुलदीप राणा पत्रकार वार्ता में इन सभी बातो का खुलासा भी कर चुके है।
  • कंवलजीत के खेमें आठ, तो प्रधान के गुट में छह पार्षद
चुने हुए सत्रह पार्षदों का सदन तीन ग्रुपों में बंट चुका है। सोमवार को हुई प्रैस कांफ्रेंस में अध्यक्ष अमरीक सिंह के साथ पार्षद पंकज गुलाटी, जयनारायण, पार्षद प्रतिनिधि सुरेन्द्र सिंगला, लखविंदर सिंह, श्री पाल राणा व वार्ड छह की पार्षद शीला देवी के पति कुलदीप सिंह मौजूद रहे। कंवलजीत के खेमे में कुल आठ पार्षद है जबकि अध्यक्ष अमरीक सिंह के साथ छह पार्षदों का ग्रुप है। पूर्व अध्यक्ष सुभाष गुप्ता व वार्ड तीन के पार्षद जयभगवान तीसरे गुट के माने जा रहे है। उपाध्यक्ष की कुर्सी हासिल करने की जोड़तोड़ में लगे दोनों गुटों की निगाहें इन दोनों पार्षदों के रुख पर है।
  • उपाध्यक्ष ने दस माह की देरी से दिया इस्तीफा
अध्यक्ष अमरीक सिंह ने कहा कि उपाध्यक्ष कंवलजीत ने दस महीनो की देरी से इस्तीफा दिया है। सितम्बर 2019 में मेरे अध्यक्ष बनने के बाद ही उपाध्यक्ष पद से त्यागपत्र देना था लेकिन उन्होंने इस्तीफा जुलाई 2020 में दिया है। रामसिंह नेहरा को वाईसचेयरमैन चुनने का फिलहाल तक कोई फैसला नही लिया गया है। अपने ग्रुप से इस बारे में विचार विमर्श किया जायेगा।
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