भारतीय संस्कृति श्रेष्ठ रही है, हमें भी अपने श्रेष्ठ कर्मो को समर्पित कर श्रेष्ठ मार्ग पर चलते रहना चाहिए : प्रो. वीरेंद्र चौहान



कैथल (संजीव कौशिक/ रवि गोयल)वैश्विक कोरोना महामारी के निवारण हेतु महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय में मंगलवार को नवम दिवस के यज्ञ में समापन पर मुख्य अतिथि के रुप में हरियाणा ग्रंथ अकादमी, पंचकूला के उपाध्यक्ष प्रो. वीरेन्द्र चौहान के साथ कैथल से नंगली वाली कुटिया के संत परमार्थ पुरी व संस्कृतग्राम ककराला की सरपंच प्रवीण कौर ने यज्ञ में आहुति प्रदान की।  मुख्यातिथि प्रो. वीरेन्द्र चौहान ने अपने भाषण में विश्वविद्यालय का आभार प्रकट करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति श्रेष्ठ रही है। यज्ञ को श्रेष्ठ कर्म कहा है और जैसे यज्ञ से पूर्व सामग्री हमारी होती है यज्ञ के बाद सामग्री यज्ञ में समर्पित हो जाती है वैसे ही हमें भी अपने श्रेष्ठ कर्मो को समर्पित कर श्रेष्ठ मार्ग पर चलते रहना चाहिए। गीता की जन्मस्थली कुरुक्षेत्र से गीता को गांव-गांव, गली-गली में प्रचार कर रहे हैं । उन्होंने कहा असम्भव कार्य कुछ भी नहीं होता । बैंगलोर के एक गांव में बच्चे-बुढे, किसान आदि सब को संस्कृत में धारप्रवाह बोलते देखा है ।
            सरपंच प्रवीण कौर ने कहा मेरे गांव के साथ विश्वविद्यालय का नाम हो रहा है । यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है । आज कोरोना के कारण हम भी पक्षियों की तरह घरों में कैद हो कर रह गए हैं। परमार्थ पुरी जी ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा जो नि:स्वार्थ सेवा करते हैं उनका प्रकृति भी साथ देती है । विश्वविद्यालय के कुलपति भी नि:स्वार्थ कार्य कर रहें हैं । विश्वविद्यालय के कुलपति श्रेयांश द्विवेदी ने कहा संतो का शरीर परमार्थ के लिए बना है । ककराला गांव को संस्कृतग्राम बनाने का संकल्प विश्वविद्यालय ने लिया है । जन्म से सभी अशिक्षित होते हैं लेकिन कर्मों से व्यक्ति की पहचान होती है । वेदों में जातिवाद नहीं है, उन्हें ब्राह्मण ही नहीं अपितु किसी भी वर्ण का व्यक्ति पढ़ सकता है । अतिथियों को सम्मान चिह्न व उत्तरीय वस्त्र से सम्मानित किया गया ।
            विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो.यशवीर सिंह ने राष्टï्रीय स्वयं सेवक संघ के इन्द्रेश की प्रेरणा से आयोजित नव दिवसीय यज्ञ की पूर्णाहुति पर अतिथियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि ये सम्वत्सर कष्टदायक है । इस यज्ञ से कोरोना की समाप्ति के साथ सब जल्द ही स्वस्थ होंगे । इस अवसर पर चीन सीमा पर वीरगति को प्राप्त हुए सैनिकों को व डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की पुण्य तिथि पर मौन रखकर श्रद्धांजली प्रदान की । इस अवसर पर विश्वविद्यालय के ओ.एस.डी डॉ.जगतनारायण कौशिक,  डॉ. रवि भूषण गर्ग, ज्योतिषाचार्य डॉ. नवीन शर्मा, डॉ. रामानन्द मिश्र:, डॉ. विनय त्रिपाठी, जयपाल, दर्शन कौशिक, सुभाष गिल, दीपक छाबड़ा सहित विश्वविद्यालय के सभी कर्मचारियों ने यज्ञ में आहुतियाँ प्रदान की।

  • छात्रहित में कार्य कर रहे भगवान परशुराम विद्यार्थी संघठन द्वारा कुलपति डॉ. श्रेयांश द्विवेदी व कुलसचिव प्रो. यशवीर सिंह को वैश्विक कोरोना महामारी के निवारण हेतु यज्ञ का आयोजन करने पर सम्मानित किया गया । छात्र संगठन के कार्यकर्ता राकेश ने कुलपति व कुलसचिव का आभार व्यक्त करते हुए कहा की विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किए जा रहे इस अनुष्ठान से कैथल जिले में बहुत लाभ हुआ है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में कैथल में कोरोना संक्रमितों के ठीक होने के आंकडों में बढ़ोतरी हुई है और नए मामले भी बहुत कम आ रहे ह,ैं  जो सभी जिलों के अनुपात में सबसे ज्यादा अच्छी से इस महामारी को हराने में सफल रहा है । अनुष्ठान करना हमारी संस्कृति रही है जिसका हमें आदर के साथ प्रचार-प्रसार भी करना चाहिए । विश्वविद्यालय द्वारा सम्पूर्ण विश्व के स्वास्थ्य की रक्षा हेतु चलाया गया यह अनुष्ठान अवश्य ही कल्याणकारी होगा । कार्यक्रम में  गौरव शर्मा, अजय शर्मा, अंशुल व अन्य साथी एवं विश्वविद्यालय के अधिकारी मौजूद रहे ।