वापिस आ रहे प्रवासी मजदूरों को करें कौशल, कौशल होने के बाद मिलेगा स्थाई रोजगार : प्रधान सचिव बिजेंद्र सिंह


कैथल ( रवि गोयल /संजीव कौशिक) कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के प्रधान सचिव बिजेंद्र सिंह तथा महा-निदेशक राकेश गुप्ता ने संयुक्त रूप से वीडियो कांफ्रैंस के माध्यम से कहा कि कोरोना के चलते लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूर अपने गृह क्षेत्रों में गए थे। अब अनलॉक होने से प्रवासी मजदूर वापिस अपने राज्यों से हरियाणा प्रदेश में आ रहे हैं। सभी उपायुक्त अपने-अपने जिला में वापिस आ रहे प्रवासी मजदूरों का डाटाबेस तैयार करें और उनका कौशल विकास किया जाए, जिससे मजदूर कौशल होंगे और उन्हें स्थाई रोजगार प्राप्त होगा।  
            उन्होंने कहा कि औद्योगिक और श्रम विभाग वापिस लौट रहे प्रवासियों का सर्वे करें, जो प्रवासी सरल पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के माध्यम से वापिस आए हैं, उनका डाटाबेस तैयार करके देखें कि पहले वे क्या कार्य करते थे और अब क्या करना चाहते हैं। सभी प्रवासी मजदूरों का रजिस्ट्रेशन रोजगार पोर्टल पर किया जाएगा। जिला कौशल समन्वयक प्रवासी मजदूरों को कौशल बनाने के लिए उनकी योग्यता के अनुसार प्रशिक्षण देने की रूप रेखा तैयार करें। प्रदेश से सरल हरियाणा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने के बाद प्रशासन की मदद से प्रवासी मजदूर अपने-अपने गृह क्षेत्रों में गए थे और अब अनलॉक में रोजगार करने के लिए दोबारा फिर वापिस आ रहे हैं। प्रवासी मजदूरों को कौशल बनाकर उन्हें स्थाई रोजगार दिलवाना मुख्य उद्देश्य है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की परिस्थिति में उन्हें यहां से वापिस नही जाना पड़े।
            वीडियो कांफ्रैंस में उपायुक्त सुजान सिंह ने कहा कि सरल पोर्टल के माध्यम से 2753 प्रवासी मजदूर वापिस गए थे। इसके साथ-साथ 1912 प्रवासी अपने वाहनों के माध्यम से गृह क्षेत्रों में लॉकडाउन के दौरान गए थे। सरल पोर्टल के माध्यम से 525 मजदूर वापिस आ चुके हैं। इसके अलावा अन्य प्राईवेट लघु औद्योगिक ईकाईयों में भी प्रवासी मजदूर आ रहे हैं, जिनका सर्वे किया जाएगा। उपायुक्त ने वीसी के बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपसी तालमेल से एक सप्ताह में सर्वे करके प्रवासी मजदूरों का डाटाबेस तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, सक्षम, सूर्य, ड्राईवर ट्रेनिंग के तहत कैथल में 3, चीका में 3 तथा पूंडरी में 1 कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र चल रहे हैं, जिनमें 3 से 6 माह का कौशल विकास कोर्स मुफ्त में करवाया जाता है। इन केंद्रों में योगा प्रशिक्षक, एसी टैक्रिशीयन, फैशन डिजाईनिंग, एमआर, ड्राईवर ट्रेनिंग, डॉक्यूमैंट सहायक आदि के कोर्स करवाए जा रहे हैं। इस मौके पर उपमंडलाधीश कमलप्रीत कौर, सीटीएम सुरेश राविश, लक्ष्मी पंडित, सतीश मच्छाल, अजय वीर आदि मौजूद रहे।