- उपायुक्त सुजान सिंह ने विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों की ली समीक्षा बैठक, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
उपायुक्त सुजान सिंह लघु सचिवालय में विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों की समीक्षा बैठक के दौरान बोल रहे थे। उपायुक्त ने कहा कि एचआरडीएफ, हरियाणा ग्रामीण विकास योजना, शिव धाम, ग्रामीण बस्ती योजना, एनआरएलएम योजना, एमपी लैड, जिला योजना आदि के बारे में संबंधित अधिकारियों से विस्तृत फीडबैक ली। उपायुक्त ने कहा कि जितने भी कार्य पूरे होने वाले है, उन सबकी यूटीलाईजेशन सर्टिफिकेट अगले सप्ताह तक भिजवाना सुनिश्चित करें। ग्रामीण आंचल में सामुदायिक केंद्र, गलियां आदि कार्य चल रहे हैं, उन्हें शीघ्र पूरा करें। संबंधित अधिकारी पूरी जिम्मेदारी कार्य करें और कार्य में गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखें। जिन कार्यों को करने में कोई तकनीकी बाधा है तो उच्चाधिकारियों से संपर्क करके उसे दूर करें। संबंधित विभाग आपसी तालमेल से कार्य करते हुए विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाएं। जो भी व्यायामशाला बनकर तैयार होने के अंतिम चरण में हैं, उन्हें शीघ्र पूरा करके जरूरी मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाएं।
उन्होंने कहा कि सभी श्मशान घाटों में शैड, रास्ता, पानी की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। शिवधाम योजना में जो भी लंबित कार्य हैं, उन्हें एक माह के अंदर पूरा करवाना सुनिश्चित करें। ग्रामीण बस्ती योजना के तहत जहां पर आमजन रहना शुरू हो चुके हैं, उन सभी स्थानों पर बिजली पानी की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। मनरेगा के तहत सभी बस्तियों की गलियां आदि पूरी करवाई जाए। एनआरएलएम के तहत 2 हजार 474 स्वयं सहायता समूह चल रहे हैं। इस कार्य में और अधिक महिलाओं को सम्मलित करें और यह भी देखें कि इन समूहों से जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है या नही। सरकार द्वारा यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की है, इसलिए अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएं। उपायुक्त ने कहा कि संबंधित अधिकारी किसी भी कार्य का प्रस्ताव बनाने से पहले सभी तकनीकी पहलुओं को देखकर भेजें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दिक्कत नही हो। कार्य क्षेत्र में जाकर समय-समय पर चल रहे कार्यों की गुणवत्ता व गति की निगरानी करें, ताकि सभी कार्य समय से पूरे हो सके।
इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त सतबीर कुंडु, जिला परिषद की सीईओ मिनाक्षी दहिया, डीडीपीओ जसङ्क्षवद्र सिंह, बीडीपीओ फूल कुमार, सुरेंद्र शर्मा, कार्यकारी अभियंता एमएस राणा, कर्णबीर सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
