कुरुक्षेत्र (संजीव बंसल) हरियाणा के खेल एवं युवा मामले मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र कुरुक्षेत्र का हर गांव, हर सडक़, हर गली पेड़ की छांव में हो, ऐसा लक्ष्य लेकर धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में इस बार भी बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया जा रहा है। इस पौधारोपण अभियान के तहत लगभग 75 किस्म के 7 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।
कुरुक्षेत्र को ग्रीन डिस्ट्रिक्ट के रुप में विकसित करने की कमान हर नागरिक को एक संकल्प के सम्भालनी होगी। खेलमंत्री सदंीप सिंह ने कहा कि कुरुक्षेत्र में औसतन पिछले वर्षो के अपेक्षा बरसात कम हो रही और यहां का भूजलस्तर भी काफी नीचे चला गया है। इसका कारण कुरुक्षेत्र जिले में लगातार पेड़ों का कम लगने का है और पेड़ों की कटाई भी की जा रही है। इस कमी को जहन में रखते हुए और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आदेशानुसार कुरुक्षेत्र को हराभरा करने का एक लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि इन तमाम पहलुओं को देखेत हुए और भूजल स्थिति में सुधार लाने के लिए जल सरंक्षण पर भी पूरा फोकस रखा जा रहा है। इस पौधागिरी और पौधारोपण अभियान से पर्यावरण के साथ-साथ भूजल स्तर की स्थिति में भी सुधार होगा। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिला के प्रत्येक नागरिक को पौधे लगाने चाहिए और कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प जरुर पूरा करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हर गांव पेड़ की छाव के तहत जिले के गांवों में हजारों पौधे लगाए जाएंगे। राज्य सरकार के आदेशानुसार वन विभाग की तरफ से 1 जुलाई से लेकर अगस्त माह तक पौधो रोपण अभियान चलाया जाएगा, लेकिन इस वर्ष कोविड-19 की एडवाईजरी को जहन में रखते हुए अभियान को चलाना है और सरकार द्वारा निर्धारित टारगेट को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि इन पौधों को पंचायत और लोग स्वयं लगाएंगे और इनकी देखभाल भी करेंगे। इसके अलावा सभी सरकारी कार्यालयों को भी लक्ष्य दिया जाएगा और समाजसेवी और धार्मिक संस्थाओं के माध्यम से भी हजारों पौधे लगाने की योजना पर काम किया जाएगा। इस जिले की सभी पार्को, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, आयुर्वेदिक कालेज, एनआईडी, मथाना सेंटरल स्कूल, पलवल राजकीय कालेज के साथ-साथ सभी शिक्षण संस्थानों में पौधे रोपित किए जाएंगे।
- वन विभाग स्वयं लगाऐंगा लाखों पौधे
खेलमंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र को ग्रीन डिस्ट्रिक्ट बनाने में अहम भूमिका वन विभाग की होगी। इस विभाग के अधिकारी सडक़ों के किनारे, पंचायत की शामलात भूमि, पार्को सहित अन्य खाली जगहों पर इस सीजन में लाखों पौधे लगाऐंगे।
- 11 नर्सरियों में है लगभग 10 लाख से ज्यादा पौधे
जिला वन अधिकारी विरेन्द्र गिल ने कहा कि वन विभाग की जिला कुरुक्षेत्र की 11 नर्सरियों में लगभग 10 लाख से ज्यादा पौधे है। इनमें छायादार किस्म में नीम बरगद, बकैण और डैंक, भैंरा, पीपल, पिलखन, सागवान, पापरी, कदम्ब, महुआ, मोलसिरी, काजेलिया, गुल्लर, गुमहर के पौधे है। टिम्बर किस्म के पौधों में शीशम, सफेद, अलांटस, अर्जुन, पोपलर, शिरिस, जाकरेन्दा, तून के पौधे है। फ्यूल देने वाली किस्म में कीकर, पहाड़ी पापरी, ढेक, सजावट की किस्म में अल्सटोलिनया, अमलताश, गुलमोहर, कुसुम, मालेशिया, लैजिस्टोनिया, चकरासियां, मोगनी, सेसा गालुका, बोटल बुश, सेसिया शामिया, सिल्वर आक, काजुरियान, हाल्दु, सागवान, सुहांजन, बुगनबेल, रात की रानी, दिन का राजा, गुलाब, कनेर, कचनार, गुडेल, सीता अशोक, अशोक, चांदनी, तुलसी, मेहंदी, पुटेरमजिवा के पौधे शामिल है। इसके अलावा फलों में जामुन, अमरुद, अनार, पपीत, अंगूर, बालफटेर, नीम्ब, आम, आंवला, शहतूत, लसूड, गलगल, कटहल, बेरी, सुहांजना, इमली, आड, आलू बुखारा के पौधे नर्सरियों में है।
