मन और शरीर के बीच संतुलन बनाने का एक तरीका है योग : रजत पांचाल

कुरुक्षेत्र (सुखविंद सिंह) नेहरू युवा केंद्र कुरुक्षेत्र के अंतर्गत गूँज वेल्फेयर क्लब ( पिहोवा ) ने दिया लोगों को घर में योग करने का संदेश, संस्था के चेयरमैन रजत की अगुवाई मे संस्था के सदस्यों ने विभिन्न स्थानों पर 6 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की कमान साम्भी पिहोवा से दीपक, जुरासी कलां से रजत, गंगहरि से मनीष, दीवाना से शिभू, मोहनपूर से कुलदीप, फ्लिम्पूर लवप्रीत, जाजनपुर से रोहित, झांसा से सुखविंदर, इस्माईलाबाद से विकास । इस अवसर पर रजत कुमार ने कहा की हमारा लक्ष्य योग को हर घर घर तक पहुचाना है क्योंकि यह शरीर और मन के बीच का जोड़ है या हम यह भी कह सकते हैं कि यह मन और शरीर के बीच संतुलन बनाने का एक तरीका है। योगा भारत में उत्पन्न हुआ था और इसलिए इसे "योगा" के रूप में दुनिया भर में जाना जाता है। आज योगा का ज्ञान और अभ्यास दुनिया भर में प्रसारित हो रहा है जो कि बहुत अच्छी बात है। योगा में हमें शरीर के कई आसनों के बारे में सीखने को मिलता है जैसे अपने आप को फिट रखने की क्रियाएँ उदाहरण के रूप में बैठना, खड़े होना, आगे झुकना, पीछे की तरफ झुकाव, उल्टे मुंह खड़े होना आदि है। कई योगा मुद्राओं में लचीलेपन की आवश्यकता होती है जैसे हल मुद्रा, कबूतर मुद्रा, ऊपरी धनुष मुद्रा, मछली मुद्रा आदि और बहुत से लोगों के पास अपने शरीर में पर्याप्त लचीलापन नहीं होता इसलिए कई अन्य योगा क्रियाएँ हैं जिनमें शरीर के लचीले होने की आवश्यकता नहीं पड़ती जिनमें पर्वत मुद्रा, कुर्सी मुद्रा, त्रिभुज मुद्रा आदि शामिल हैं। जैसे कि आपको पता है योगा मुद्राएँ अनगिनत है इसलिए योगा करने के लाभ भी अनगिनत है। योगा का अभ्यास करना बहुत फायदेमंद है और इसके अभ्यास में कई बीमारियां जैसे श्वसन समस्याएँ, पेट की समस्याएँ, पाचन तंत्र से संबंधित बीमारियों का इलाज करने की क्षमता है।
संस्था के सचिव अंकित मित्तल ने कहा की शरीर से नकारात्मकता और मानसिक रोगों को दूर करने में मदद करता है। यह तनाव स्तर को कम करने और जागरूकता बढ़ाने में मदद करता है। विशेष रूप से बच्चों के लिए यह एकाग्रता शक्ति और फोकस के निर्माण में मदद करता है ।