कुरुक्षेत्र : सैनी ने लगातार बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि महामारी के इस समय मे भी सरकार सवेंदनहीन फैसले ले रही है।
राजकुमार सैनी ने कहा कि 16 दिन बाद पेट्रोल के दाम 8.30 रुपए और डीजल के दाम 9.45 रूपए बढ़ चुके हैं जो देश के इतिहास में आज तक की सबसे बढ़ी बढौ़तरी है।
राजकुमार सैनी ने कहा कि केन्द्र व प्रदेश की सरकारें टैक्स मे वृद्धि कर तेल की कीमतों को बढ़ा रही हैं और आज अतंराष्ट्रीय बाजारों मे कच्चे तेल की कीमतें अपने निचले स्तर पर हैं जबकि भारत मे कीमते आज उच्चतम स्तर पर हैं।
राजकुमार सैनी ने कहा पेट्रोल डीजल की बढ़ी कीमतों का सीधा असर ट्रांसपोर्ट इड्ंस्ट्री एवं किसानों पर पड़ा है और पेट्रोल डीजल की कीमतें बढऩे से ट्रासपोर्ट का किराया बढऩा तय है जिसका सीधा असर आम जरुरत की चीजों पर पड़ेगा।
राजकुमार सैनी ने कहा कि गेहुं की पैदावार कम होने से किसान पहले ही नुक्सान झेल रहा है और अब तेल की बढ़ी कीमतों से फसल की लागत बढऩा भी तय है और एक तरफ तो मजदूरों के पलायन की वजह से मजदूरों की कमी है वहीं दुसरी तरफ तेल की कीमत बढऩे से किसान पर दोहरी मार पड़ रही है।
राजकुमार सैनी ने मांग करते हुए कहा कि किसानो का कर्जा माफ किया जाए एवं डीजल पर सब्सिडी दी जाए उन्होंने कहा कि आज पूरा देश आर्थिक मंदी से जूझ रहा है एवं कामकाज ठप्प हो चुके हैं और सरकार जनता को राहत देने की बजाय महगांई का बोझ बढ़ा रही है।उन्होंने कह कि सरकार का ध्यान महामारी की आड़ में टैक्स बढाकर मुनाफा कमाने पर लगी है और सरकार ने कोरोना रिलीफ फंड के नाम पर करोड़ों रूपए की राशि इक_ी कर ली लेकिन खर्च कहा किया जा रहा है इसका कोई हिसाब नहीं दिया जा रहा।
राजकुमार सैनी ने वहीं अनाज खरीद में लापरवाही के अलावा पीटीआई शिक्षकों की भर्ती को रद्द करके सरकार युवाओं को बेरोजगारी की दलदल में धकेल रही है और आज प्रदेश का प्रत्येक वर्ग सरकार की लापरवाही से परेशान हैं l