रिफाइनरी (राजपाल प्रेमी) पानीपत रिफाइनरी के नेफ्था क्रेकर प्लांट में विभिन्न विभागों के द्वारा आग के खतरे से निपटने की तैयारियों तथा इस संबंध में स्थापित दिशानिर्देशों के अनुसरण में आपातकालीन कार्य प्रणाली के सही आंकलन करने हेतु एक ऑनसाइट आपदा ड्रिल का आयोजन किया गया । कोविड-19 महामारी को देखते हुए यह मॉक ड्रिल फ़ेस मास्क एवं फ़ेस शील्ड, सोशल डिसटेंसिंग, तथा अन्य दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए किया गया ।
इस ड्रिल का परिदृश्य पानीपत नेफ्था क्रेकर के कैपटिव पावर प्लांट में स्थित आरएलएनजी गैस स्किड से हाइड्रोकार्बन का रिसाव एवं उसके पश्चात आग लगना दर्शाया गया था । प्रातः 10:34 बजे गैस के रिसाव की सूचना मिली तत्पश्चात स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 10:59 बजे आपदा घोषित की गई । उसके बाद रिफाइनरी के कर्मचारी गैस रिसाव तथा आग की रोकथाम मे लग गए।
आपातकालीन सायरन बजते ही फायर स्टेशन से दमकल गाड़ियाँ साइट पर गई और आरएलएनजी गैस लीकेज व आग पर काबू करने के लिए वाटर कर्टन के माध्यम से आपातकाल नियंत्रण कार्य प्रारंभ किया। जी.सी. सिकदर कार्यकारी निदेशक रिफ़ाइनरी को इस बारे तुरंत सूचना दी गई । जो तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति का आंकलन करके लगभग एक घंटे के सफल प्रयास के बाद 11:45 बजे स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण करके स्थिति सामान्य होने की घोषणा की गई।
ड्रिल के बाद एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई । जहां आपातकालीन तैयारी योजना में और सुधार के लिए आपातकालीन समन्वयकों द्वारा दी गई रिपोर्ट की समीक्षा जी.सी. सिकदर तथा संबन्धित वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में की गई । यह डिब्रीफिंग सत्र रिफाइनरी मुख्यालय द्वारा निर्गत दिशानिर्देशों के अनुसार आयोजित किया गया जिसमे आग की रोकथाम के लिए और तत्परता से कार्रवाई करने पर बल दिया गया।
