
कुरुक्षेत्र (संजीव बंसल) गलवान घाटी में मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले शहीदों की स्मृति में वसुधैव कुटुंबकम संस्कृति सेवा आयाम व प्रेरणा कुरुक्षेत्र के तत्वावधान में सेक्टर 30 के जलघर में वन विभाग, कुरुक्षेत्र के सहयोग से पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्यातिथि मैनपाल शर्मा वरिष्ठ प्राचार्य एवं प्रभारी डाइट पलवल, उद्योगपति जय भगवान सिंगला, सेक्टर 30 एसोसिएशन के प्रधान पंडित सुरेश कुमार, सरदार इंदरजीत सिंह, कार्यक्रम संयोजक डॉ तरसेम कौशिक, एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर डॉ केवल कृष्ण, टिक्का सिंह व बंसीलाल ने उन सभी 20 अमर शहीदों की याद में पौधे रोपित किए तथा उनकी पुत्रवत देखभाल करने का भी प्रण किया। मुख्यातिथि मैनपाल शर्मा ने पौधारोपण करते हुए कहा कि भारत माता की रक्षा में अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले अमर शहीदों के हम ऋणी हैं। उन्होंने कहा कि आदिकाल से ही वृक्षों को देवतुल्य माना गया है क्योंकि पेड़ पौधे छाया व औषधियाँ के साथ-साथ पशु पक्षियों को आश्रय भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि जब कभी हम इन वृक्षों की छाया में बैठेंगे तो देश के वीर सैनिकों की शहादत को याद करेंगे। विशिष्ट अतिथि जय भगवान सिंगला ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि भारत के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य बनता है कि अपने सामर्थ्य अनुसार पौधारोपण अभियान का हिस्सा बने और शहीदों के नाम पर एक एक पौधा लगाए। उन्होंने कहा कि भारत देश के प्रत्येक नागरिक को चाहिए कि वे चीन के समान का बहिष्कार करे और स्वदेशी अपनाएं। तभी हम चीन को सही मायनों में सबक सिखा सकते हैं। पंडित सुरेश कुमार ने सभी शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पर्यावरण के शुद्धिकरण के लिए पौधारोपण अत्यंत आवश्यक है क्योंकि पेड़ पौधे वायुमंडल से हानिकारक गैसों को अवशोषित कर प्राणदायिनी ऑक्सीजन को छोड़ते हैं जो समस्त चराचर जगत में जीवन का संचार करती है। कार्यक्रम के संयोजक डॉ तरसेम कौशिक व डॉ केवल कृष्ण ने सभी गणमान्य अतिथियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से हम सभी अमर शहीदों को नमन करते है जिहोंने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। उन्होंने पौधारोपण के महत्व को बताते हुए कहा कि भारत की संस्कृति व सभ्यता वनों में ही पल्लवित एवं विकसित हुई है इसलिए पौधारोपण मानव समाज का सांस्कृतिक दायित्व है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि कोई भी चीन का सामान न खरीदे तथा भारत में निर्मित सामान का ही इस्तेमाल करे। इस अवसर पर कैंसर के स्पेशलिस्ट डॉ देवेंद्र कपिल, सरदार इंदरजीत सिंह, टिक्का सिंह, बंसीलाल, एस के शर्मा, हरपाल सिंह, राज पवार, डी डी सैनी, ईश्वर शर्मा, सक्षम, सार्थक, ध्रुव कौशिक व माधव इत्यादि उपस्थित रहे।