मास्टर प्लान-2031 के तहत विकसित होगा अब शाहबाद : रामकरण


शाहबाद मारकंडा (समय की ताकत) विधायक रामकरण काला ने कहा कि शाहाबाद कस्बे का नया मास्टर प्लान-2031 अप्रूव हो गया है। अब इसी प्लान के आधार पर नई अप्रूवल मिलेंगी। प्लान में इंडस्ट्री को बढ़ावा दिया गया। इसके लिए तीन सेक्टर आरक्षित किए गए हैं। इसी तरह जीटी रोड पर होने के चलते कॉमर्शियल एक्टिविटी पर भी पूरा ध्यान दिया गया है। कॉमर्शियल के लिए चार सेक्टर रिजर्व रखें हैं। आठ सेक्टर रिहायशी के काटे जाएंगे। इन सेक्टरों में नए स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल के साथ वृद्धाश्रम भी होगा। बेहतर परिवहन के लिए 143 हेक्टेयर जमीन आरक्षित की गई है। एनएच-44 के नजदीक सेक्टर-2 मनोरंजन और कॉमर्शियल गतिविधियों के लिए होंगे। इसके लिए 18 हेक्टेयर आरक्षित की गई है।
विधायक ने शुक्रवार को बातचीत करते हुए कहा कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और जिला योजनाकार विभाग ने संयुक्त रूप से इस प्लान को पूरा किया है। नए प्लान में 2031 तक शहर की आबादी 1.50 लाख मानी गई है और करीब 1490 हेक्टेयर जमीन आरक्षित की है। शाहाबाद कस्बे को विकसित करने के एक नहीं कई कारण हैं। एनएच-44 पर होने के चलते परिवहन संचार इसका मुख्य केंद्र रहेगा। इसके लिए 143 हेक्टेयर जमीन रखी गई है। इसके साथ लाडवा अनुसूचित सडक़ नंबर-69 है। सडक़ों के दोनों तरफ 30-30 मीटर की ग्रीन बेल्ट बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान में आठ रिहायशी सेक्टर होंगे। इसके लिए 504 हेक्टेयर आरक्षित की गई है। इसमें सेक्टर-1, 3, 5,  6,  9, 10, 13 और सेक्टर-14 नाम दिया जाएगा। ग्रुप हाउसिंग कंपोनेंट पॉलिसी लागू होगी। इसके लिए 20 फीसद जमीन रखी जाएगी। सडक़ों की चौड़ाई 12 मीटर होगी। इसके साथ अफोर्डेबल ग्रुप हाउसिंग और दीन दयाल जन आवास योजना के तहत विकसित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कॉमर्शियल एक्टिविटी के लिए 124 हेक्टेयर में चार सेक्टर होंगे। इनमें मार्केट, दुकान और बूथ बनाए जाएंगे। ये सेक्टर-3, 9, 12 और 14 होंगे। इन सेक्टरों के लिए 11.4 फीसद जमीन आरक्षित की गई है। शाहाबाद के नए प्लान में इंडस्ट्री बसाने पर जोर दिया गया है। इंडस्ट्री के सेक्टर-7, 18 व 11 होंगे। ये सेक्टर 96 हेक्टेयर में होंगे। इन सेक्टरों में अस्पताल समेत शैक्षणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक संस्थागत जैसी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए 41 हेक्टेयर जमीन आरक्षित की गई है। एक सेक्टर में कॉलेज, अस्पताल, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल ओर वृद्धाश्रम प्रस्तावित किया गया है।