कैथल (संजीव कौशिक / रवि गोयल) वैश्विक कोरोना महामारी के निवारण हेतु महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय में आज अष्टम दिवस के यज्ञ में पब्लिसिटी सेल के चेयरमैन रॉकी मित्तल व राष्ट्र ीय स्वयं सेवक संघ, कैथल जिला प्रचारक कमल ने शिरकत की। पब्लिसिटी सेल के चेयरमैन रॉकी मित्तल ने कहा कि हरियाणा में सबसे अधिक श्री राम का नाम बोला जाता है । हम अपनी संस्कृति से विमुख होते हुए नशे की ओर अग्रसर हो रहे हैं । अभिनेता अक्षय कुमार ने आज तक कोई नशा नहीं करते और नींद पूरी करने के लिए जल्दी सो भी जाते हैं। आज अंग्रेज भी संस्कृत सीखना चाहते हैं । एक उदाहरण में कहा एक अंग्रेज भारत में इस्लाम का प्रचार करने आया लेकिन गीता जी को सुन कर अपने देश लंदन में जा कर हिन्दू धर्म का प्रचार करने लगा। चंद्रशेखर, भक्तसिंह आदि के उदाहरणों के साथ कहा कि गांवों में संस्कार होते थे जिससे बच्चे भी पूरे गांव को जानते थे। आज इंटरनेट, फेसबुक, वॉटसअप ने सब भूला कर रख दिया है। उन्होंने कहा कि हमें नशे से दूर रहकर समाज को आगे की ओर बढ़ाना चाहिए, जो कि सबके हित में होगा।
जिला प्रचारक कमल ने कहा कि भारतीय संस्कृति को हम सब जानते हैं किन्तु अपने जीवन में पालन नहीं करते। यज्ञ अनुष्ठान अद्भुत है, कृमि-नाशक सूक्त से हवन करना अत्यंत लाभकारी होगा। भारतीय सेना और अर्थव्यवस्था प्रबल है जिसका चीन को बहुत दु:ख है। हमारी सेना सियाचीन में-40 डीग्री में तैनात रहती है। अब लेहलद्दाख से सियाचीन तक रोड भी बन गया है, जिसका भय भी चीन को सता रहा है। सह जिला कार्यवाह मनीष ने भी यज्ञ में आहुति प्रदान कर कहा कोरोना वायरस जो तेजी से फैल रहा है लेकिन कैथल में पिछले दस दिनों में बहुत ही कम नऐ मामले आएं हैं। उन्होंने सोलह संस्कारों के विषय में भी बताते हुए कहा हमारा परिवार जब से संघ से जुडा है तब से उन सब संस्कारों को अपनाया हुआ है और प्रतिदिन घर में हवन भी करते हैं । गाय में सभी देवताओं का वास होता है इसलिए हम सबको उसकी सेवा करनी चाहिए ।
विश्वविद्यालय के कुलपति श्रेयांश द्विवेदी ने अतिथियों का उत्तरीय वस्त्र से सम्मान करते हुए कहा प्रचारक भ्रमणशील होता है और राष्ट्र की चिन्ता करने वाला होता है। आज की सरकार भी राष्ट्र की चिन्ता करने लगी है, न कि व्यापार की। डॉ. भीम राव अंबेडकर कॉलेज के प्राचार्य ऋषिपाल बेदी ने कहा कि संस्कार जन्मजात होते हैं । इस अवसर पर चीन सीमा पर वीरगति को प्राप्त हुए सैनिकों को मौन रखकर श्रद्धांजली प्रदान की और दीपक कौशिक द्वारा संस्कृत गीत प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के ओ.एस.डी डॉ.जगतनारायण कौशिक, ज्योतिषाचार्य डॉ. नवीन शर्मा, डॉ. रामानन्द मिश्र:, डॉ. विनय त्रिपाठी, डा. मदन मोहन तिवारी, वित्त अधिकारी रवि लोहान, जयपाल, दर्शन कौशिक, सुभाष गिल, दीपक छाबड़ा सहित विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने यज्ञ में आहुतियाँ प्रदान की ।

